Jehanabad News: जीएनएम कॉलेज में नर्सिंग छात्राओं को मिला बेड मेकिंग का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण, मरीजों की देखभाल और संक्रमण नियंत्रण के सिखाए गए आधुनिक तरीके
जहानाबाद जीएनएम कॉलेज में नर्सिंग छात्राओं को बेड मेकिंग, मरीजों की देखभाल और संक्रमण नियंत्रण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कॉलेज प्राचार्या ने गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की अहमियत बताई।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jul 10, 2026 • 7:10 AM
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Jehanabad News: जीएनएम कॉलेज में नर्सिंग छात्राओं को मिला बेड मेकिंग का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण, मरीजों की देखभाल और संक्रमण नियंत्रण के सिखाए गए आधुनिक तरीके
जहानाबाद जीएनएम कॉलेज में नर्सिंग छात्राओं को बेड मेकिंग, मरीजों की देखभाल और संक्रमण नियंत्रण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कॉलेज प्राचार्या ने गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की अहमियत बताई।
“Jehanabad News: जीएनएम कॉलेज में नर्सिंग छात्राओं को मिला बेड मेकिंग का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण, मरीजों की देखभाल और संक्रमण नियंत्रण के सिखाए गए आधुनिक तरीके”
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Jehanabad News: जीएनएम कॉलेज में नर्सिंग छात्राओं को मिला बेड मेकिंग का प्रैक्टिकल प्रशिक्षण, मरीजों की देखभाल और संक्रमण नियंत्रण के सिखाए गए आधुनिक तरीके
बरुण कुमार / जहानाबाद : बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की नींव प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ पर टिकी होती है। इसी उद्देश्य से सदर अस्पताल परिसर स्थित जीएनएम कॉलेज, जहानाबाद में गुरुवार को नर्सिंग छात्राओं के लिए बेड मेकिंग (Bed Making) पर विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को मरीजों की देखभाल, अस्पताल में स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमण नियंत्रण (Infection Control) के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया और अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली मानक प्रक्रिया के अनुसार बेड तैयार करने का अभ्यास किया।
अस्पताल की पहली जिम्मेदारी है सुरक्षित और स्वच्छ बेड
प्रशिक्षकों ने बताया कि किसी भी मरीज के इलाज में दवाओं के साथ-साथ साफ और संक्रमण मुक्त वातावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इसलिए एक प्रशिक्षित नर्स के लिए सही तरीके से बेड तैयार करना सबसे जरूरी कौशलों में शामिल है।
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प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को चादर बदलने, लिनेन व्यवस्थित रखने, मरीज की सुविधा का ध्यान रखने तथा अस्पताल में संक्रमण फैलने से रोकने के सभी मानकों की जानकारी दी गई।
लाइव डेमो के जरिए सिखाई गई बेड मेकिंग
प्रशिक्षकों ने पहले विभिन्न प्रकार की बेड मेकिंग तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रत्येक छात्रा ने स्वयं बेड तैयार कर व्यावहारिक अभ्यास किया।
प्राचार्या खुशबू ने बताई प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की अहमियत
जीएनएम कॉलेज की प्राचार्या खुशबू ने कहा कि नर्सिंग शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं हो सकती। एक अच्छी नर्स बनने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण सबसे महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा कि बेड मेकिंग नर्सिंग का मूलभूत कौशल है। यदि इसे वैज्ञानिक तरीके से किया जाए तो मरीज को बेहतर सुविधा मिलती है और अस्पतालों में संक्रमण फैलने की संभावना काफी कम हो जाती है।
उन्होंने बताया कि कॉलेज में समय-समय पर ऐसे प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं, ताकि छात्राएं भविष्य में अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और पेशेवर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें।
प्रशिक्षण में शामिल छात्राओं ने कहा कि इस तरह का व्यावहारिक अभ्यास उन्हें वास्तविक अस्पताल के माहौल में काम करने के लिए तैयार करता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और मरीजों की देखभाल से जुड़ी बारीकियों को समझने का अवसर मिला है।
उनका कहना था कि कक्षा में पढ़ाई के साथ इस तरह की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भविष्य में उनके पेशेवर जीवन के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार अस्पतालों में संक्रमण रोकने के लिए केवल दवाएं पर्याप्त नहीं होतीं। मरीज का बेड, चादर, लिनेन और आसपास का वातावरण भी संक्रमण नियंत्रण में अहम भूमिका निभाता है। यही कारण है कि आधुनिक नर्सिंग शिक्षा में बेड मेकिंग और इंफेक्शन कंट्रोल को विशेष महत्व दिया जाता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
जहानाबाद जीएनएम कॉलेज द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण नर्सिंग छात्राओं को केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं देता, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, स्वच्छता और पेशेवर जिम्मेदारियों को भी मजबूत करता है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य की प्रशिक्षित नर्सें तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।