'पोस्ट-माओवाद' युग की ओर बस्तर: पीएम मोदी और अमित शाह से मिलेंगे सीएम साय, पेश करेंगे विकास का मेगा रोडमैप

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार, 7 अप्रैल को देश की राजधानी दिल्ली में अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें करने जा रहे हैं। इन मुलाकातों का केंद्र बिंदु 'बस्तर' है, जो दशकों के संघर्ष के बाद अब एक नए 'पोस्ट-माओवाद' (Post-Maoist) युग में कदम रख रहा है।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Apr 6, 2026 • 7:32 PM | Raipur
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी
3 hours ago
'पोस्ट-माओवाद' युग की ओर बस्तर: पीएम मोदी और अमित शाह से मिलेंगे सीएम साय, पेश करेंगे विकास का मेगा रोडमैप
ी और अमित शाह से मिलेंगे सीएम साय, पेश करेंगे विकास का मेगा रोडमैप
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार, 7 अप्रैल को देश की राजधानी दिल्ली में अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें करने जा रहे हैं। इन मुलाकातों का केंद्र बिंदु 'बस्तर' है, जो दशकों के संघर्ष के बाद अब एक नए 'पोस्ट-माओवाद' (Post-Maoist) युग में कदम रख रहा है।
Full Story: https://www.newstvindia.in/s/c7dec0
https://www.newstvindia.in/s/c7dec0
Copied
'पोस्ट-माओवाद' युग की ओर बस्तर: पीएम मोदी और अमित शाह से मिलेंगे सीएम साय, पेश करेंगे विकास का मेगा रोडमैप
'पोस्ट-माओवाद' युग की ओर बस्तर: पीएम मोदी और अमित शाह से मिलेंगे सीएम साय, पेश करेंगे विकास का मेगा रोडमैप
Advertisement
Advertisement

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार को दिल्ली में महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें करने वाले हैं। इन बैठकों का मुख्य फोकस बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास पर है, जो अब माओवाद के बाद के युग में प्रवेश कर चुका है।

मुख्यमंत्री साय सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद, 7 अप्रैल को सबसे पहले सुबह 11 बजे वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात होगी। ये दोनों मुलाकातें बस्तर के भविष्य को तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही हैं। बस्तर लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री बस्तर के तेजी से विकास के लिए एक विस्तृत रोडमैप और एक व्यापक रूपरेखा पेश करेंगे।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
'पोस्ट-माओवाद' युग की ओर बस्तर: पीएम मोदी और अमित शाह से मिलेंगे सीएम साय, पेश करेंगे विकास का मेगा रोडमैप
NEW
flash_on
पेड़ के नीचे शरण लेना पड़ा भारी: सरगुजा में मवेशी चराने गई 13 साल की बच्ची पर गिरी बिजली
flash_on
छत्तीसगढ़: खल्लारी माता मंदिर में टूटा रोपवे, ट्रॉली गिरने से 1 श्रद्धालु की मौत, 16 घायल; CM साय ने दिए जांच के आदेश
flash_on
छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए महिला दिवस का तोहफा: महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त जारी
flash_on
छत्तीसगढ़ के किसानों की बल्ले-बल्ले: होली से पहले खातों में आए 10,324 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री ने दी बड़ी सौगात
flash_on
माओवादियों के 'पुनर्वास' के लिए सरकार का खुला हाथ: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा
flash_on
'नक्सलवाद से विकासवाद' तक का सफर: पीएम मोदी ने 'बस्तर पंडुम' को सराहा, बोले— "बदल गई है बस्तर की पहचान"

माओवादियों का प्रभाव तेजी से कम होने और राज्य सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखे जाने के साथ ही, अब जोर सुरक्षा अभियानों से हटकर बड़े पैमाने पर विकास पहलों के जरिए इस आदिवासी-बहुल क्षेत्र को मुख्यधारा में लाने पर आ गया है।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

अपने प्रेजेंटेशन में सीएम साय से उम्मीद है कि वे इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं, जिसमें सड़कें, रेलवे और सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं, के विस्तार, उद्योगों को बढ़ावा देने, नए निवेश आकर्षित करने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और आदिवासी समुदायों के समावेशी विकास को सुनिश्चित करने की योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे।

इस रणनीति का उद्देश्य बस्तर को प्रगति के एक केंद्र में बदलना है। ऐसा करते हुए इसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति को संरक्षित रखा जाएगा और इसके विशाल प्राकृतिक संसाधनों का भी सदुपयोग किया जाएगा।

Advertisement
Advertisement

ये बैठकें ऐसे समय में हो रही हैं, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवाद के बाद के दौर के लिए कई विकास कार्यों को लागू करना शुरू कर दिया है। हाल की पहलों में अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना, पर्यटन को बढ़ावा देना, खाद्य प्रसंस्करण और लघु वन उपज इकाइयों का विकास करना और पुराने सुरक्षा शिविरों को स्कूलों और अस्पतालों जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में बदलना शामिल है।

दिल्ली में होने जा रही इन बैठकों को बस्तर के कायाकल्प के लिए केंद्र सरकार का समर्थन और फंडिंग हासिल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

केंद्र और राज्य की डबल-इंजन सरकार आपस में घनिष्ठ समन्वय के साथ काम कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा के क्षेत्र में मिली सफलताओं को इस क्षेत्र के लोगों के लिए ठोस सामाजिक-आर्थिक विकास में बदला जा सके।

मुख्यमंत्री के इस दौरे से विकसित बस्तर की परिकल्पना को एक नई गति मिलने की उम्मीद है, जिसका मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र को आत्मनिर्भर, समृद्ध और पूरी तरह से राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ना है।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications