हरियाणा में पुराने वाहनों पर बड़ा फैसला: अब 12 साल से पुराने टूरिस्ट वाहन नहीं चल सकेंगे, एनसीआर में डीजल गाड़ियों के लिए और भी सख्त नियम

हरियाणा सरकार ने वाहनों की आयु सीमा के लिए नई अधिसूचना जारी की है। एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 12 साल पुराने पेट्रोल टूरिस्ट वाहनों पर पाबंदी।

Feb 12, 2026 - 15:57
हरियाणा में पुराने वाहनों पर बड़ा फैसला: अब 12 साल से पुराने टूरिस्ट वाहन नहीं चल सकेंगे, एनसीआर में डीजल गाड़ियों के लिए और भी सख्त नियम
हरियाणा में पुराने वाहनों पर बड़ा फैसला: अब 12 साल से पुराने टूरिस्ट वाहन नहीं चल सकेंगे, एनसीआर में डीजल गाड़ियों के लिए और भी सख्त नियम

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने राज्य में पर्यटन और अन्य व्यावसायिक वाहनों की अधिकतम आयु सीमा निर्धारित करते हुए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। हरियाणा मोटर यान संशोधन नियमों के तहत अब 12 वर्ष से अधिक पुराने पर्यटन वाहन राज्य में संचालित नहीं किए जा सकेंगे। यह कदम प्रदूषण नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

एनसीआर में और कड़े प्रावधान

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल हरियाणा के 14 जिलों में नियम और अधिक सख्त रहेंगे। यहां केवल वही पेट्रोल और सीएनजी आधारित पर्यटन वाहन चल सकेंगे, जिनकी रजिस्ट्रेशन अवधि 12 वर्ष से अधिक नहीं है।

डीजल आधारित पर्यटन वाहनों के लिए आयु सीमा 10 वर्ष निर्धारित की गई है। यानी एनसीआर में 10 वर्ष पूरे कर चुके डीजल पर्यटन वाहन सड़क पर नहीं चल सकेंगे।

एनसीआर से बाहर क्या नियम?

एनसीआर से बाहर के जिलों में पेट्रोल और सीएनजी पर्यटन वाहनों की आयु सीमा 12 वर्ष ही रहेगी। हालांकि डीजल वाहनों को यहां दो वर्ष की अतिरिक्त छूट दी गई है और वे 12 वर्ष तक संचालित किए जा सकेंगे।

एनसीआर में शामिल जिले

हरियाणा के कुल 23 जिलों में से 14 जिले एनसीआर का हिस्सा हैं। इनमें शामिल हैं:
करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नूंह और पलवल।

एनसीआर से बाहर जिले

पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, हिसार, सिरसा, कैथल, हांसी, फतेहाबाद और अंबाला जिले एनसीआर से बाहर आते हैं।

अन्य वाहनों पर भी लागू होंगे नियम

परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नियम केवल पर्यटन वाहनों तक सीमित नहीं है। स्कूल बसों, हरियाणा रोडवेज बसों, निजी बसों, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और गुड्स कैरिज परमिट वाले वाहनों की भी अधिकतम आयु सीमा तय की गई है।

  • पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक और अन्य क्लीन फ्यूल वाहन अधिकतम 15 वर्ष तक चल सकेंगे।

  • एनसीआर में डीजल वाहन 10 वर्ष पूरे होने के बाद प्रतिबंधित होंगे।

  • एनसीआर से बाहर डीजल वाहनों की अधिकतम आयु 15 वर्ष निर्धारित की गई है।

  • एनसीआर में डीजल स्कूल बसें 10 वर्ष से अधिक नहीं चल सकेंगी।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों को मौके पर ही जब्त किया जाएगा। परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा पर फोकस

सरकार का मानना है कि पुराने वाहनों से प्रदूषण का स्तर अधिक होता है और वे सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिमपूर्ण हो सकते हैं। विशेषकर एनसीआर क्षेत्र, जो पहले से ही वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है, वहां यह कदम प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नए नियमों के लागू होने से वाहन मालिकों को समय रहते अपने वाहनों का नवीनीकरण या प्रतिस्थापन करना होगा। परिवहन विभाग जल्द ही जागरूकता अभियान भी चला सकता है ताकि वाहन संचालकों को नए प्रावधानों की जानकारी दी जा सके।

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