PM मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री के बीच फोन पर चर्चा; अगले हफ्ते भारत आएंगे रामगुलाम, 'AI इम्पैक्ट समिट' में होंगे शामिल
प्रधानमंत्री मोदी और मॉरीशस के पीएम डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने फोन पर सहयोग की समीक्षा की। डॉ. रामगुलाम दिल्ली में आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे।
नई दिल्ली : मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मेरे मित्र, प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम का फोन पाकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई। हमने पिछले वर्ष वाराणसी में हुई हमारी यादगार मुलाकात के बाद से भारत और मॉरीशस के बीच व्यापक सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। हमने अपने दोनों देशों को जोड़ने वाले विशेष, ऐतिहासिक और जन-केंद्रित संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
Happy to receive a phone call from my friend, Prime Minister Dr. Navinchandra Ramgoolam. We reviewed progress in the wide-ranging cooperation between India and Mauritius since our memorable meeting in Varanasi last year. Reaffirmed our commitment to further strengthen the… — Narendra Modi (@narendramodi) February 9, 2026
उन्होंने कहा कि भारत और मॉरीशस हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साझा उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे। मैं अगले सप्ताह एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं। माना जा रहा है कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री इस महीने दिल्ली में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट में भाग ले सकते हैं।
बता दें कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में अब तक 35,000 से अधिक पंजीकरण हुए हैं। इसमें 100 से अधिक देशों के 500 से अधिक स्टार्टअप्स 500 सत्रों में हिस्सा लेंगे। यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई।
मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट, जो 16-20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में होने वाला है। यह अब तक आयोजित चार ग्लोबल एआई समिट में सबसे बड़ा होने की उम्मीद है, जो जिम्मेदार, समावेशी और प्रभाव-संचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आसपास बढ़ती अंतरराष्ट्रीय गति को दर्शाता है।
बयान में आगे कहा गया कि इस सम्मेलन ने विश्व भर के देशों से 35,000 से अधिक पंजीकरण के साथ अभूतपूर्व रुचि आकर्षित की है। इसमें विजन को अमल में लाने को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसमें जमीनी स्तर पर महत्व रखने वाले परिणामों पर स्पष्ट ध्यान दिया जाएगा।
सरकारें, उद्योगपति, शोधकर्ता, सिविल सोसाइटी संगठन और अंतर्राष्ट्रीय संस्थान समिट के एजेंडा को आकार देने में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमें 100 से अधिक देशों की भागीदारी की उम्मीद है, जिनमें 15 से 20 राष्ट्राध्यक्ष, विभिन्न देशों के 50 से अधिक मंत्री और विश्व भर की तथा भारतीय कंपनियों के 40 से अधिक सीईओ शामिल हैं। ग्लोबल एआई इकोसिस्टम के लगभग 500 प्रमुख व्यक्तियों, जिनमें नवोन्मेषक, शोधकर्ता और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी शामिल हैं, के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है।