UP News: अब हर ब्लॉक में खुलेंगे 'पशुधन औषधि केंद्र', गायों की नस्ल सुधार और मुफ्त चारा बीज के लिए योगी सरकार का बड़ा मास्टरप्लान
उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालकों के लिए नई चारा नीति और ब्लॉक स्तर पर औषधि केंद्रों की घोषणा की है। बजट में तीन गुना वृद्धि के साथ पशुपालन क्षेत्र को मिलेगी नई ऊंचाई।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश को 'समर्थ प्रदेश 2047' बनाने की दिशा में योगी सरकार ने पशुपालन क्षेत्र के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं। प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवार को विधान भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि अब राज्य के हर ब्लॉक में पशुओं के लिए विशेष पशुधन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर न केवल आधुनिक दवाएं, बल्कि एथनोमेडिसिन (पारंपरिक औषधियां) भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
देशी गाय का दूध 'अमृत', किसानों से अपील मंत्री धर्मपाल सिंह ने देशी गाय के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि गाय का दूध अमृत समान है। उन्होंने किसानों और गौपालकों से भावुक अपील की कि गाय जब दूध देना बंद कर दे, तब भी उन्हें बेसहारा न छोड़ें। सरकार ने ऐसी गायों के संरक्षण और उन्नत नस्ल सुधार कार्यक्रमों के लिए बजट में भारी वृद्धि की है।
PPP मोड पर सेवाएं और नई चारा नीति पशुपालकों की सुविधा के लिए सरकार पीपीपी (PPP) मोड पर वेटनरी और पैरावेटनरी सेवाएं शुरू करने जा रही है। पशुओं की बीमारियों की सटीक जांच के लिए विशेष पैथोलॉजी केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, नई चारा नीति के तहत अब किसानों को चारे का बीज बिल्कुल निशुल्क दिया जाएगा, ताकि चारे की किल्लत को दूर किया जा सके।
बजट में तीन गुना की ऐतिहासिक वृद्धि मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि उत्तर प्रदेश की 68% आबादी कृषि और पशुपालन पर निर्भर है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2017-18 के मुकाबले पशुपालन विभाग का बजट लगभग तीन गुना बढ़ाकर ₹4,11,529.86 लाख कर दिया गया है। 20वीं पशुगणना के अनुसार, यूपी विशाल पशु संपदा का स्वामी है, जिसमें करोड़ों की संख्या में गोवंश, महिषवंश और अन्य पशु शामिल हैं।