यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, बोले– सपा शासन में अराजकता चरम पर थी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा शासनकाल के दौरान प्रदेश में अराजकता अपने चरम पर थी, जबकि मौजूदा सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को सख्ती से लागू किया है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Feb 3, 2026 • 9:15 PM
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यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, बोले– सपा शासन में अराजकता चरम पर थी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा शासनकाल के दौरान प्रदेश में अराजकता अपने चरम पर थी, जबकि मौजूदा सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को सख्ती से लागू किया है।
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यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0: सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, बोले– सपा शासन में अराजकता चरम पर थी
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा शासनकाल के दौरान प्रदेश में अराजकता अपने चरम पर थी, जबकि मौजूदा सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को सख्ती से लागू किया है।
लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में हालात इतने खराब थे कि शायद ही कोई शहर ऐसा रहा हो, जहां कर्फ्यू न लगा हो।
सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में 900 से ज्यादा दंगे हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी और आम नागरिक से लेकर व्यापारी तक असुरक्षित महसूस करता था।
हर शहर में कर्फ्यू, हर वर्ग में डर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय शायद ही कोई उद्यमी, डॉक्टर या व्यापारी ऐसा रहा हो, जिसने ‘गुंडा टैक्स’ न दिया हो। अपहरण, फिरौती और दंगों की घटनाएं आम थीं। उन्होंने कहा कि अराजकता इस कदर बढ़ चुकी थी कि युवा वर्ग रोजगार और सुरक्षा की तलाश में प्रदेश छोड़ने को मजबूर था।
निवेश और उद्योग पलायन को मजबूर थे
सीएम योगी ने कहा कि उस समय सरकार के पास न तो कोई स्पष्ट नीति थी और न ही दूरदृष्टि। परिणामस्वरूप, सुरक्षा के अभाव में पहले से स्थापित उद्योग और व्यवसाय भी उत्तर प्रदेश छोड़कर अन्य राज्यों में जाने लगे थे।
उद्यमियों के मन में था भय का माहौल
उन्होंने कहा कि यह वही पीड़ा है, जिसे उस दौर में हर व्यापारी और उद्यमी ने महसूस किया, जब लगातार कर्फ्यू, अपराध और अस्थिरता का माहौल बना रहता था।
सत्ता संभालते ही लागू की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब उन्हें प्रधानमंत्री द्वारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई, तो सबसे पहली प्राथमिकता प्रदेश के नागरिकों के मन में विश्वास और सुरक्षा का भाव पैदा करना था।
कानून सभी के लिए बराबर
उन्होंने कहा कि सत्ता संभालते ही सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई, जो सभी पर समान रूप से लागू होती है। चाहे कोई अपना हो या पराया, अगर कानून तोड़ेगा तो उस पर कार्रवाई तय है। माफिया और अपराधियों के लिए किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती गई।
कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि सरकार ने कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से शुरू की और यह सुनिश्चित किया गया कि सब कुछ कानून के दायरे में हो। उन्होंने कहा कि जब अपराधी कानून से नहीं डरते, तो उन्हें कानून के दायरे में लाकर समझाना और कार्रवाई करना मजबूरी बन जाता है।
पुलिस कार्रवाई पर सवालों का दिया जवाब
मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्रवाई पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कई बार पूछा जाता है कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई।
“अगर पुलिस गोली नहीं चलाएगी, तो क्या खुद गोली खाएगी?”
सीएम योगी ने दो टूक कहा कि अगर अपराधी को गोली चलाने की आजादी है, तो पुलिस को भी हथियार इसलिए दिए गए हैं ताकि वह उसका मुकाबला कर सके। पुलिस को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अपराधियों से उसी भाषा में निपटा जा सके, जिसे वे समझते हैं।
उत्तर प्रदेश बना कानून-व्यवस्था और निवेश का मॉडल
सीएम योगी ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बड़े-बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय आयोजन सफलता और शांति के साथ संपन्न हुए हैं। अब न कहीं दंगे होते हैं, न फिरौती, न गुंडा टैक्स और न ही अराजकता।
निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बना यूपी
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे सुरक्षित और निवेश-अनुकूल राज्यों में शामिल है। मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण राज्य अब निवेश और औद्योगिक विकास का मॉडल बनकर उभरा है।