झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नथवाणी के नामांकन पर सस्पेंस खत्म, मुकाबला त्रिकोणीय
झारखंड राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के नामांकन पर लगी रोक हटी, मुकाबला अब त्रिकोणीय हो गया है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jun 10, 2026 • 5:37 PM | रांची
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झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नथवाणी के नामांकन पर सस्पेंस खत्म, मुकाबला त्रिकोणीय
झारखंड राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के नामांकन पर लगी रोक हटी, मुकाबला अब त्रिकोणीय हो गया है।
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रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले 24 घंटों से चला आ रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। भारी विवादों और आपत्तियों के बीच निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के नामांकन पर लगी रोक हटा ली गई है। चुनाव अधिकारी ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद नथवाणी के नामांकन पत्र को पूरी तरह से वैध करार दिया है, हालांकि निर्वाची अधिकारी की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद झारखंड से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए होने वाली चुनावी दौड़ अब बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गई है। नामांकन पर फैसला आते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे और उन्होंने जश्न मनाया। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले में निर्वाची पदाधिकारी पर नथवाणी और भाजपा का पक्ष लेने का गंभीर आरोप लगाया है।
कांग्रेस का आरोप, निर्वाची पदाधिकारी पर पक्षपात का इल्जाम
झारखंड की वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार पर परिमल नथवाणी और भाजपा को समर्थन देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निर्वाची पदाधिकारी ने एक नया नामांकन पत्र लेने की अनुमति देकर नियमों का उल्लंघन किया है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि निर्वाची पदाधिकारी को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए ताकि कांग्रेस आगे की रणनीति बना सके। यह भी बताया गया कि कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद को पक्ष रखने की अनुमति नहीं दी गई।
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नाम और HUF विवाद पर सुनवाई पूरी, नथवाणी को मिली राहत
गुरुवार को स्क्रूटनी प्रक्रिया के दौरान परिमल नथवाणी के नाम और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों पर कई गंभीर आपत्तियां उठाई गई थीं। इन आपत्तियों के चलते चुनाव अधिकारी ने उनके नामांकन को अस्थायी रूप से होल्ड पर रख दिया था। गुरुवार को दोनों पक्षों की लंबी सुनवाई और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद, चुनाव अधिकारी ने सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया और नथवाणी को बड़ी राहत देते हुए उनके नामांकन को वैध घोषित किया।
सलमान खुर्शीद की अनुपस्थिति और कांग्रेस का हंगामा
परिमल नथवाणी के नामांकन को रद्द कराने के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी थी। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने विधानसभा के भीतर और बाहर लगातार प्रदर्शन और नारेबाजी की। विरोध को कानूनी रूप से और मजबूत करने के उद्देश्य से, कांग्रेस ने देश के मशहूर वकील और वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद को विशेष रूप से दिल्ली से रांची बुलाया था।
हालांकि, सुरक्षा और नियमों का हवाला देते हुए, सलमान खुर्शीद को विधानसभा के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। उनके पहुंचने में भी देरी हुई। सूत्रों के अनुसार, सलमान खुर्शीद के देर से विधानसभा पहुंचने पर भाजपा ने आपत्ति जताई, जिसके कारण वे अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख पाए। सुनवाई पहले ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद, सलमान खुर्शीद ने बाहर आकर मीडिया से बातचीत की और घटनाक्रम पर अपनी बात रखी।
अब मैदान में तीन प्रमुख उम्मीदवार, मुकाबला कड़ा
परिमल नथवाणी का रास्ता साफ होने के बाद, अब झारखंड से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनावी मैदान में मुख्य रूप से तीन उम्मीदवार आमने-सामने हैं:
वैद्यनाथ राम (झामुमो-गठबंधन के उम्मीदवार)
प्रणव झा (कांग्रेस के उम्मीदवार)
परिमल नथवाणी (निर्दलीय उम्मीदवार)
जीत का समीकरण और राजनीतिक हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सत्ताधारी गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार वैद्यनाथ राम की जीत आंकड़ों के लिहाज से काफी हद तक तय मानी जा रही है। असली और सबसे दिलचस्प लड़ाई दूसरी सीट को लेकर है। अब यह मुकाबला सीधे तौर पर कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के बीच देखा जा रहा है।
नथवाणी के नामांकन को मंजूरी मिलने के बाद, अब विधायकों के बीच जोड़-तोड़ और क्रॉस-वोटिंग की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। इससे कांग्रेस खेमे में बेचैनी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि इस नए समीकरण का सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।