ललित मोदी को 16 साल बाद मिली बड़ी कानूनी राहत, IPL 2009 मामले में ट्रिब्यूनल ने ED की दलील नहीं मानी
Lalit Modi को IPL 2009 से जुड़े 16 साल पुराने FEMA मामले में बड़ी राहत मिली है। अपीलीय ट्रिब्यूनल ने उन पर लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया और ED की प्रमुख दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने करीब 16 साल बाद भारत लौटने की इच्छा जताई है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब उन्हें वर्ष 2009 के आईपीएल से जुड़े विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) मामले में अपीलीय ट्रिब्यूनल से बड़ी कानूनी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने उन पर लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया है। इसके बाद ललित मोदी का कहना है कि लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई अब समाप्त हो चुकी है और यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं।
ललित मोदी वर्ष 2010 के बाद से भारत से बाहर रह रहे हैं। उनकी संभावित वापसी की चर्चा अब कानूनी राहत मिलने के बाद फिर तेज हो गई है।
Lalit Modi ने भारत लौटने को लेकर क्या कहा?
कानूनी राहत मिलने के बाद ललित मोदी ने कहा कि वह वर्षों से यही कहते आ रहे थे कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। उनके मुताबिक, अपीलीय ट्रिब्यूनल के फैसले ने उनके पक्ष को मजबूती दी है।
उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता हमेशा आईपीएल के भविष्य को लेकर रही। अब जब यह मामला काफी हद तक समाप्त हो गया है, तो वह अपनी जिंदगी के अगले चरण पर ध्यान देना चाहते हैं।
भारत लौटने की संभावित समय-सीमा पर उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है। परिवार के साथ समय बिताने के बाद वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में भारत लौटने की योजना बना सकते हैं।
क्या था पूरा FEMA मामला?
यह मामला 2009 में आईपीएल के दूसरे सीजन को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किए जाने से जुड़ा था। उस समय देश में आम चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट भारत से बाहर आयोजित किया गया था।
विदेशी भुगतान और धन हस्तांतरण को लेकर FEMA के तहत जांच शुरू हुई थी। यह कानूनी प्रक्रिया करीब 16 वर्षों तक चली और अब अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में ललित मोदी को राहत दी है।
ट्रिब्यूनल ने किस आधार पर दी राहत?
अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित विदेशी रेमिटेंस 'करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन' की श्रेणी में आते हैं, न कि 'कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन' की। इसी आधार पर आरोप टिक नहीं पाए और ललित मोदी पर लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से FEMA नियमों का पालन सुनिश्चित करना ललित मोदी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं थी। साथ ही जांच एजेंसी जिन वित्तीय अधिकारों का दावा कर रही थी, उन्हें भी पर्याप्त रूप से स्थापित नहीं किया जा सका।
राहत के बाद वापसी की चर्चा तेज
ललित मोदी के भारत लौटने संबंधी बयान के बाद एक बार फिर उनकी वापसी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने केवल अपनी इच्छा और संभावित समय-सीमा का जिक्र किया है। उनकी वापसी कब होगी, यह आने वाले समय में परिस्थितियों और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं पर भी निर्भर करेगा।
फिलहाल, ट्रिब्यूनल से मिली राहत के बाद उनके लिए यह मामला एक अहम कानूनी उपलब्धि माना जा रहा है।
क्या आगे भी हो सकती है कानूनी प्रक्रिया?
हालांकि अपीलीय ट्रिब्यूनल ने ललित मोदी को राहत दी है, लेकिन यदि संबंधित पक्ष इस फैसले को किसी उच्च न्यायिक मंच पर चुनौती देता है तो कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ललित मोदी के भारत लौटने को लेकर भी अभी कोई औपचारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। इसलिए उनकी वापसी फिलहाल उनके सार्वजनिक बयान और भविष्य की परिस्थितियों पर निर्भर मानी जा रही है।
Lalit Modi : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी को करीब 16 साल पुराने मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। आईपीएल 2009 के दक्षिण अफ्रीका में आयोजन से जुड़े विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) मामले में अपीलीय ट्रिब्यूनल ने उन पर लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया है। फैसले में ट्रिब्यूनल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस प्रमुख दलील को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें संबंधित विदेशी धन हस्तांतरण को 'कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन' बताया गया था।
यह फैसला लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है और इसे आईपीएल के शुरुआती दौर से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।