Kanpur Dehat CMS Controversy: सेवा विस्तार के बाद भी सीएमएस पद पर डॉ. वंदना सिंह? तबादला और नियमों को लेकर उठे सवाल
Kanpur Dehat CMS Controversy के बीच सेवा विस्तार के बाद भी डॉ. वंदना सिंह यादव की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं। जानिए क्या हैं आरोप, उन्होंने क्या सफाई दी और प्राचार्य ने क्या कहा।
Minaxi Rathore Verified Public Figure • 11 Jul, 2026Journalist
Kanpur Dehat CMS Controversy: सेवा विस्तार के बाद भी सीएमएस पद पर डॉ. वंदना सिंह? तबादला और नियमों को लेकर उठे सवाल
Kanpur Dehat CMS Controversy के बीच सेवा विस्तार के बाद भी डॉ. वंदना सिंह यादव की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं। जानिए क्या हैं आरोप, उन्होंने क्या सफाई दी और प्राचार्य ने क्या कहा।
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23 July 2026
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Kanpur Dehat CMS Controversy: सेवा विस्तार के बाद भी सीएमएस पद पर डॉ. वंदना सिंह? तबादला और नियमों को लेकर उठे सवाल
Kanpur Dehat CMS Controversy: कानपुर देहात के महिला जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) के पद को लेकर प्रशासनिक विवाद सामने आया है। आरोप है कि डॉ. वंदना सिंह यादव को सेवा विस्तार के दौरान गौतम बुद्ध नगर में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर स्थानांतरित किए जाने के बावजूद वह अब भी कानपुर देहात में सीएमएस से जुड़े कार्य देख रही हैं। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों पर अपनी सफाई भी दी है।
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि यह सेवा विस्तार के दौरान प्रशासनिक जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य विभाग के नियमों से जुड़ा सवाल खड़ा करता है।
Kanpur Dehat CMS Controversy की शुरुआत कैसे हुई?
डॉ. वंदना सिंह यादव लंबे समय तक कानपुर देहात के महिला जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर रहीं। 31 दिसंबर 2025 को 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर उनका नियमित कार्यकाल समाप्त हो गया।
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इसके बाद, शासन ने उन्हें तीन वर्ष के सेवा विस्तार के तहत वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में गौतम बुद्ध नगर स्थानांतरित किया। आरोप है कि उन्होंने इस स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं किया और अब भी कानपुर देहात में प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी हुई हैं।
डॉ. वंदना सिंह ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत में डॉ. वंदना सिंह यादव ने कहा कि उनका नियमित कार्यकाल समाप्त हो चुका है और वह शासन की मंशा तथा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के निर्देशों के अनुसार वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में कार्य कर रही हैं।
जब उनसे सीएमएस की जिम्मेदारियों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह प्राचार्य द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करती हैं। साथ ही उन्होंने अपने स्थानांतरण आदेश को "त्रुटिपूर्ण" बताते हुए कहा कि यह समायोजन से जुड़ा मामला है।
प्राचार्य ने क्या दी जानकारी?
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह ने बताया कि तत्कालीन प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा ने डॉ. वंदना सिंह यादव को कार्यवाहक सीएमएस के रूप में जिम्मेदारी सौंपी थी।
इस बीच कुछ लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवा नियमों के अनुसार 62 वर्ष की आयु के बाद सेवा विस्तार केवल चिकित्सकीय सेवाओं के लिए होता है और इस अवधि में किसी डॉक्टर को सीएमओ या सीएमएस जैसे प्रशासनिक पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
टेंडर और भर्ती के आरोपों के बीच बढ़ी चर्चा
मेडिकल कॉलेज में टेंडर और भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले से चल रही चर्चाओं के बीच यह मामला भी सुर्खियों में आ गया है। इसी दौरान कुछ असत्यापित सूत्रों ने यह दावा भी किया कि डॉ. वंदना सिंह यादव ने लक्ष्मी पूजन कर अपनी कुर्सी बचा रखी है।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों या डॉ. वंदना सिंह यादव की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों को सत्यापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
अब आगे क्या?
फिलहाल पूरा मामला सेवा विस्तार, स्थानांतरण आदेश और प्रशासनिक जिम्मेदारियों की वैधता को लेकर चर्चा में है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या आधिकारिक निर्णय लेते हैं।