Qatar Explosion: कतर के रास लाफान में भीषण विस्फोट, 12 भारतीयों समेत 13 की मौत
कतर विस्फोट (Qatar Explosion) ने भारत को गहरे सदमे में डाल दिया है। रास लाफान औद्योगिक नगर में हुए हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 66 लोग घायल बताए जा रहे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दुख जताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jun 23, 2026 • 11:09 AM
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Qatar Explosion: कतर के रास लाफान में भीषण विस्फोट, 12 भारतीयों समेत 13 की मौत
कतर विस्फोट (Qatar Explosion) ने भारत को गहरे सदमे में डाल दिया है। रास लाफान औद्योगिक नगर में हुए हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि 66 लोग घायल बताए जा रहे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दुख जताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
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Qatar Explosion: कतर के रास लाफान में भीषण विस्फोट, 12 भारतीयों समेत 13 की मौत
कतर के रास लाफान औद्योगिक नगर से आई एक दुखद खबर ने पूरे भारत को झकझोर कर रख दिया है। रविवार रात हुए भीषण कतर विस्फोट (Qatar Explosion) में 12 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है। इस हादसे में कई अन्य देशों के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं, जिसके बाद कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के बाद भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और दोहा स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
एस. जयशंकर ने जताया दुख
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है।
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Deeply saddened by the loss of lives and injuries, including of Indian nationals, in the explosion at Qatar’s Ras Laffan Industrial City.
As further details emerge, our Embassy continues to be in touch with Qatari authorities, and is reaching out to render assistance to the… https://t.co/tHifrYGvPT
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 22, 2026
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों और घायलों के साथ हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की जान गई है। दूतावास के अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।
इसके अलावा, मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है ताकि अंतिम संस्कार से जुड़ी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जा सकें।
66 लोग घायल, कई देशों के नागरिक प्रभावित
कतर एनर्जी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घायलों में भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, केन्या, घाना, तंजानिया, नाइजीरिया और कतर के नागरिक भी शामिल हैं। इस वजह से यह हादसा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय बन गया है।
शुरुआती जांच में क्या सामने आया?
कतर एनर्जी ने अपने बयान में कहा है कि शुरुआती जांच के आधार पर यह एक परिचालन दुर्घटना लग रही है। कंपनी ने साफ किया है कि अब तक किसी तरह की तोड़फोड़ या शत्रुतापूर्ण गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।
हालांकि, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है और विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
कतर विस्फोट (Qatar Explosion) के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े हादसों से सबक लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है।
विदेशों में काम करने वाले लाखों भारतीय कामगारों की सुरक्षा हमेशा एक महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल, पूरा देश उन परिवारों के दुख में शामिल है जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया। वहीं, सभी की नजरें कतर प्रशासन और जांच एजेंसियों की अगली रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।