Rajasthan Refinery: 4 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन, 15 साल बाद साकार होगा करोड़ों का सपना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) की ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। जानिए इस परियोजना की खासियत और राजस्थान को इससे क्या लाभ मिलेगा।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jul 3, 2026 • 7:47 AM | Jaipur
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Rajasthan Refinery: 4 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन, 15 साल बाद साकार होगा करोड़ों का सपना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) की ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। जानिए इस परियोजना की खासियत और राजस्थान को इससे क्या लाभ मिलेगा।
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03 July 2026
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Rajasthan Refinery: 4 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन, 15 साल बाद साकार होगा करोड़ों का सपना
राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थापित एचआरआरएल (HPCL Rajasthan Refinery Limited) की बहुप्रतीक्षित ग्रीनफील्ड रिफाइनरी अब राष्ट्र को समर्पित होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन करेंगे। करीब 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद तैयार हुई यह रिफाइनरी न केवल राजस्थान बल्कि देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से राज्य में औद्योगिक निवेश, रोजगार और पेट्रोकेमिकल उद्योगों को नई गति मिलेगी।
15 साल बाद पूरा हुआ बड़ा सपना
इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2012 में रखी गई थी। हालांकि, भूमि अधिग्रहण, लागत में वृद्धि, तकनीकी चुनौतियों और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण इसका निर्माण निर्धारित समय से काफी पीछे चला गया।
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बीते वर्षों में परियोजना के उद्घाटन की तारीखें भी कई बार बदलीं। हाल ही में 21 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम रिफाइनरी की सीडीयू-वीडीयू (CDU-VDU) यूनिट में आग लगने की घटना के बाद स्थगित कर दिया गया था। अब सभी तैयारियां पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी इसके औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
देश की सबसे आधुनिक ग्रीनफील्ड रिफाइनरियों में शामिल
पचपदरा रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (9 MMTPA) है। इसे अत्याधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया गया है और यह BS-6 मानकों के अनुरूप ईंधन उत्पादन करने में सक्षम है।
रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (Nelson Complexity Index - NCI) लगभग 17 है, जो इसे भारत की सबसे उन्नत हाई-कन्वर्जन रिफाइनरियों में शामिल करता है। इसकी तकनीक विभिन्न गुणवत्ता वाले कच्चे तेल को उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोल, डीजल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों में बदलने में सक्षम है।
HPCL और राजस्थान सरकार की संयुक्त परियोजना
यह परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है।
HPCL की हिस्सेदारी: 74%
राजस्थान सरकार की हिस्सेदारी: 26%
समय के साथ परियोजना की लागत बढ़ी, लेकिन इसके साथ ही इसकी उत्पादन क्षमता और तकनीकी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया।
लीलाना से पचपदरा तक का सफर
शुरुआत में रिफाइनरी को बायतु क्षेत्र के लीलाना गांव में स्थापित करने की योजना थी। बाद में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी चुनौतियों और सरकारी भूमि की उपलब्धता को देखते हुए परियोजना को पचपदरा स्थानांतरित किया गया।
उस समय इस फैसले को लेकर राज्य की राजनीति में भी काफी चर्चा और विवाद देखने को मिला था।
वैश्विक तकनीक, 'मेक इन इंडिया' का भी योगदान
रिफाइनरी के निर्माण में भारत के साथ अमेरिका, जापान और यूरोप की आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।
इसके कंट्रोल सिस्टम, हाई-प्रेशर कंप्रेसर और पेट्रोकेमिकल इकाइयों में वैश्विक स्तर की तकनीक अपनाई गई है। वहीं कई भारी उपकरण और रिएक्टर भारत में ही निर्मित किए गए हैं, जिसे 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
मुंद्रा से पचपदरा तक बिछी विशेष पाइपलाइन
कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से पचपदरा तक विशेष पाइपलाइन विकसित की गई है।
चूंकि इस पाइपलाइन से गुजरने वाला कच्चा तेल वैक्सी (Waxy Crude) प्रकृति का हो सकता है, इसलिए पूरी लाइन में आधुनिक हीटिंग स्टेशन और थर्मल इंसुलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, ताकि तेल का तापमान नियंत्रित रहे और आपूर्ति बाधित न हो।
राजस्थान बनेगा पेट्रोकेमिकल उद्योग का नया केंद्र
रिफाइनरी के शुरू होने के बाद राजस्थान की औद्योगिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है। अब राज्य केवल कच्चे तेल के उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलिमर और अन्य वैल्यू-एडेड पेट्रोकेमिकल उत्पादों का भी बड़े पैमाने पर निर्माण होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्लास्टिक, रसायन और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों में बड़े निवेश का रास्ता खुलेगा और हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
क्यों अहम है यह परियोजना?
पचपदरा रिफाइनरी को भारत की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में गिना जा रहा है। यह परियोजना न केवल देश की रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि पश्चिमी भारत में पेट्रोकेमिकल उद्योग के विस्तार, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा देगी। राजस्थान के लिए यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित औद्योगिक परिवर्तन का प्रतीक मानी जा रही है।