जिनपिंग का अमेरिका में ग्रैंड वेलकम, ट्रंप ने खुद एयरपोर्ट पहुंचकर किया स्वागत; ट्रेड डील जनवरी तक बढ़ी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिन की स्टेट विजिट पर अमेरिका पहुंचे. ट्रंप ने खुद एयरपोर्ट जाकर उनका स्वागत किया. दोनों देशों ने ट्रेड डील को जनवरी 2027 तक बढ़ाया.
Divya Purohit Verified Public Figure • 13 Jul, 2026Journalist
जिनपिंग का अमेरिका में ग्रैंड वेलकम, ट्रंप ने खुद एयरपोर्ट पहुंचकर किया स्वागत; ट्रेड डील जनवरी तक बढ़ी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिन की स्टेट विजिट पर अमेरिका पहुंचे. ट्रंप ने खुद एयरपोर्ट जाकर उनका स्वागत किया. दोनों देशों ने ट्रेड डील को जनवरी 2027 तक बढ़ाया.
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25 September 2026
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जिनपिंग का अमेरिका में ग्रैंड वेलकम, ट्रंप ने खुद एयरपोर्ट पहुंचकर किया स्वागत; ट्रेड डील जनवरी तक बढ़ी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिन की स्टेट विजिट पर अमेरिका पहुंचे. बुधवार को जॉइंट बेस एंड्रयूज पहुंचने पर उनका खास अंदाज में स्वागत हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद एयरपोर्ट पहुंचे और जिनपिंग से मुलाकात की. ट्रंप के साथ फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी मौजूद थीं.
जिनपिंग के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी अमेरिका पहुंचीं. दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की इस मुलाकात पर दुनिया की नजर है, क्योंकि अमेरिका और चीन के रिश्ते लंबे समय से ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रणनीतिक मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं.
इस बीच दोनों देशों ने अपनी ट्रेड डील को भी 2 महीने के लिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है.
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शी जिनपिंग की यह करीब 11 साल बाद पहली अमेरिकी स्टेट विजिट है. इससे पहले वह 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में स्टेट विजिट पर अमेरिका आए थे.
हालांकि नवंबर 2023 में जिनपिंग APEC समिट में हिस्सा लेने सैन फ्रांसिस्को पहुंचे थे, लेकिन वह उनकी स्टेट विजिट नहीं थी.
इस बार जिनपिंग और ट्रंप के बीच होने वाली बातचीत में ट्रेड डील और दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होनी है. इस मुलाकात का असर सिर्फ अमेरिका और चीन के रिश्तों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि एशिया में पावर बैलेंस के लिहाज से भी इसे अहम माना जा रहा है.
भारत भी इस समिट पर करीब से नजर रख रहा है.
एयरपोर्ट पर B-1 बॉम्बर्स का फ्लाईओवर
जिनपिंग के विमान से उतरने के बाद ट्रंप और मेलानिया ने उनका और पेंग लियुआन का हाथ मिलाकर स्वागत किया. इसके बाद दोनों देशों के राष्ट्रपति मिलिट्री बैंड की धुन के बीच एयरपोर्ट पर साथ नजर आए.
इसी दौरान अमेरिका के दो B-1 बॉम्बर विमानों ने आसमान में फ्लाईओवर किया. जिनपिंग और उनकी पत्नी को मिलिट्री गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया.
किसी विदेशी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का खुद एयरपोर्ट पहुंचना आम प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं माना जाता. ऐसे में ट्रंप का खुद पहुंचना जिनपिंग के लिए खास सम्मान और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
खास बात यह है कि मई में चीन दौरे के दौरान ट्रंप के स्वागत के लिए जिनपिंग खुद एयरपोर्ट नहीं पहुंचे थे.
व्हाइट हाउस में ऑफिशियल वेलकम सेरेमनी
जिनपिंग की स्टेट विजिट के दूसरे दिन व्हाइट हाउस में आधिकारिक स्वागत समारोह आयोजित किया जाना है. इसमें करीब 479 अमेरिकी सैन्यकर्मी शामिल होंगे.
दोनों देशों के राष्ट्रगान के बाद ट्रंप और जिनपिंग मिलिट्री रिव्यू देखेंगे. व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस दौरान B-2 स्पिरिट बॉम्बर और चार F-22 रैप्टर फाइटर जेट्स का फ्लाईओवर भी होगा.
गुरुवार रात जिनपिंग के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित किया जाएगा.
शुक्रवार को ट्रंप और मेलानिया, जिनपिंग और उनकी पत्नी के साथ व्हाइट हाउस के रेड रूम में चाय पर मुलाकात करेंगे. इसके बाद चीनी राष्ट्रपति अमेरिका के नेशनल आर्काइव्स का दौरा करेंगे और वहीं से उनकी विदाई होगी.
अमेरिका-चीन ट्रेड डील दो महीने आगे बढ़ी
ट्रंप-जिनपिंग समिट के बीच अमेरिका और चीन ने ट्रेड डील को दो महीने के लिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है. दोनों देशों के बीच पिछले साल दक्षिण कोरिया के बुसान में हुई बैठक के बाद एक साल की ट्रेड डील हुई थी. इसकी समयसीमा 10 नवंबर को खत्म होने वाली थी.
अब दोनों देशों ने इसे 10 जनवरी 2027 तक जारी रखने का फैसला किया है.
अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर के दौरान अमेरिका ने चीनी सामान पर 145% तक टैरिफ लगाया था. इसके जवाब में चीन ने अमेरिकी सामान पर टैरिफ बढ़ाने के साथ रेयर अर्थ मिनरल्स के एक्सपोर्ट पर नियंत्रण सख्त कर दिया था.
बाद में बातचीत के बाद अमेरिका ने टैरिफ में कटौती की, जबकि चीन ने रेयर अर्थ सप्लाई को आसान बनाने और अमेरिका से कृषि उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई थी.
अब ट्रेड डील को दो महीने और बढ़ाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच इसे आगे भी जारी रखने की उम्मीद बनी है.
रेयर अर्थ मिनरल्स पर चीन की पकड़
अमेरिका के लिए रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई बेहद महत्वपूर्ण है. इनका इस्तेमाल फाइटर जेट, मिसाइल गाइडेंस सिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर और कई दूसरे हाईटेक प्रोडक्ट्स में होता है.
चीन रेयर अर्थ मिनरल्स के उत्पादन और प्रोसेसिंग में दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है. ऐसे में अमेरिका चीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है.
यही वजह है कि ट्रेड डील के साथ रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई भी दोनों देशों के बीच बातचीत का अहम मुद्दा बनी हुई है.
भारत के लिए ट्रंप-जिनपिंग समिट क्यों अहम?
अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड रिश्तों में होने वाला कोई भी बड़ा बदलाव भारत के लिए मायने रखता है. ट्रेड टेंशन के दौरान कई कंपनियों ने चीन पर अपनी निर्भरता कम करने और दूसरे देशों में मैन्युफैक्चरिंग बेस तलाशने की रणनीति अपनाई है.
भारत भी चीन प्लस वन रणनीति के तहत मैन्युफैक्चरिंग और निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में अगर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय की ट्रेड डील होती है, तो कंपनियों के सप्लाई चेन फैसलों पर इसका असर पड़ सकता है.
रेयर अर्थ मिनरल्स और सेमीकंडक्टर भी भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं. भारत इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिफेंस प्रोडक्शन और चिप मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने पर काम कर रहा है. ऐसे में रेयर अर्थ की वैश्विक सप्लाई में बदलाव का असर भारतीय उद्योगों की लागत और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है.
QUAD और इंडो-पैसिफिक पर भी नजर
ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात का एक दूसरा अहम पहलू इंडो-पैसिफिक है. अमेरिका ने चीन को संतुलित करने के लिए भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ QUAD को मजबूत किया है.
अगर अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों में बड़ा बदलाव आता है और वॉशिंगटन बीजिंग के साथ ज्यादा समझौतावादी रुख अपनाता है, तो एशिया के रणनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा तेज हो सकती है.
इसी वजह से ट्रंप-जिनपिंग समिट पर सिर्फ वॉशिंगटन और बीजिंग की नजर नहीं है. भारत के लिए भी इस बैठक के नतीजे ट्रेड, सप्लाई चेन, रेयर अर्थ मिनरल्स और इंडो-पैसिफिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं.
Divya Purohit Verified Public Figure • 13 Jul, 2026Journalist
पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 3 वर्षों का अनुभव। बॉलीवुड, टीवी और मनोरंजन जगत की खबरों पर गहरी नजर रखती हैं। सटीक, तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं।