Indian Navy Rescue: 20 ईरानी नागरिकों को समुद्री लुटेरों से बचाया
Indian Navy Rescue Operation: भारतीय नौसेना ने सोमालियाई समुद्री लुटेरों से 20 ईरानी नागरिकों को बचाया। 48 घंटे के ऑपरेशन के बाद ईरान ने भारत का आभार जताया।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Senior Sub Editor
Nov 3, 2026 - 12:34 PM | Delhi
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Niharika Gupta
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Indian Navy Rescue: 20 ईरानी नागरिकों को समुद्री लुटेरों से बचाया
Indian Navy Rescue Operation: भारतीय नौसेना ने सोमालियाई समुद्री लुटेरों से 20 ईरानी नागरिकों को बचाया। 48 घंटे के ऑपरेशन के बाद ईरान ने भारत का आभार जताया।
“Indian Navy Rescue: 20 ईरानी नागरिकों को समुद्री लुटेरों से बचाया”
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03 November 2026
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भारतीय नौसेना ने अरब सागर में सोमालियाई समुद्री लुटेरों से 20 ईरानी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाया।
Indian Navy Rescue Operation: सोमालियाई समुद्री लुटेरों से भारतीय नौसेना ने बचाए 20 ईरानी नागरिक, ईरान ने भारत को कहा शुक्रिया
Indian Navy Rescue Operation: भारतीय नौसेना ने अरब सागर में एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सोमालियाई समुद्री लुटेरों के कब्जे से 20 ईरानी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया है। भारतीय नौसेना की इस कार्रवाई के बाद ईरान ने भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना का आभार जताया है। यह ऑपरेशन मुंबई से करीब 3,000 किलोमीटर दूर समुद्र में 48 घंटे तक चला। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भारतीय नौसेना और वायुसेना के जवानों की सराहना की है।
जिस जहाज को समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में लिया था, उसका नाम Azini बताया गया है। यह ईरान का मछली पकड़ने वाला जहाज था। आशंका थी कि समुद्री लुटेरे इस जहाज का इस्तेमाल दूसरे व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए कर सकते हैं। भारतीय नौसेना की समय पर की गई कार्रवाई से न केवल 20 लोगों की जान बची, बल्कि समुद्री व्यापार के लिए संभावित खतरा भी टल गया।
Indian नौसेना ने कैसे बचाए 20 ईरानी नागरिक?
भारतीय नौसेना के मुताबिक, सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने 29 अक्टूबर 2026 को उत्तर-पूर्वी सोमालिया के तट के पास ईरानी जहाज Azini को हाईजैक कर लिया था। जहाज पर हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों का कब्जा था।
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इस घटना की जानकारी मिलने के बाद भारतीय नौसेना ने समुद्री क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई और जहाज की लोकेशन का पता लगाने के लिए अभियान शुरू किया।
इसके बाद एक भारतीय नौसेना के युद्धपोत और समुद्री निगरानी विमान की मदद से जहाज का पता लगाया गया। करीब 48 घंटे तक चले इस अभियान में नौसेना ने जहाज को रोककर समुद्री लुटेरों के खतरे को खत्म किया और सभी 20 ईरानी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने भी अहम भूमिका निभाई। भारतीय वायुसेना के C-17 विमान से मरीन कमांडो को पैराशूट के जरिए ऑपरेशन क्षेत्र में उतारा गया।
INS Kolkata और मरीन कमांडो ने संभाला मोर्चा
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Kolkata को तैनात किया गया था। इसके साथ समुद्री निगरानी विमान और मरीन कमांडो की मदद ली गई।
नौसेना ने लगातार निगरानी करते हुए जहाज की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई।
भारतीय नौसेना के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान सभी 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। इस पूरी कार्रवाई में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।
यह ऑपरेशन भारतीय नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण भी माना जा रहा है।
Indian: ईरान ने भारत को कहा धन्यवाद
भारतीय नौसेना की सफल कार्रवाई के बाद नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया।
ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना की सराहना की।
दूतावास ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने जिस पेशेवर तरीके, साहस और आपसी तालमेल के साथ इस अभियान को पूरा किया, वह सराहनीय है।
ईरान ने इस अभियान को मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना का उदाहरण बताया। साथ ही कहा कि यह कार्रवाई भारत और ईरान के बीच दोस्ती, एकजुटता और सहयोग को भी दर्शाती है।
सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने क्यों किया था जहाज हाईजैक?
Azini जहाज को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास 29 अक्टूबर को समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में लिया था। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर 21 ईरानी क्रू मेंबर्स और दो सोमालियाई सुरक्षा गार्ड मौजूद थे।
इस जहाज को हाईजैक करने के बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी थी कि लुटेरे इसका इस्तेमाल मदरशिप के तौर पर कर सकते हैं।
मदरशिप ऐसे जहाज को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल समुद्री लुटेरे दूसरे बड़े व्यापारिक जहाजों तक पहुंचने और उन पर हमले करने के लिए करते हैं।
इससे अरब सागर और आसपास के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों पर खतरा बढ़ सकता था। इसी वजह से इस जहाज की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां भी नजर रख रही थीं।
राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना की तारीफ की
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना के सफल अभियान की सराहना करते हुए जवानों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि मुंबई से 3,000 किलोमीटर से ज्यादा दूर 48 घंटे तक चले इस समन्वित अभियान में नौसेना ने अपनी उच्च परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया है।
उन्होंने भारतीय वायुसेना के सहयोग की भी प्रशंसा की। रक्षा मंत्री के मुताबिक, इस तरह के अभियान बताते हैं कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और लोगों की जान बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारतीय नौसेना की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हिंद महासागर में समुद्री लुटेरों का खतरा फिर बढ़ा
पिछले कुछ समय से सोमालिया और अदन की खाड़ी के आसपास समुद्री लुटेरों की गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ी है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अप्रैल 2026 के बाद से कई व्यापारिक जहाजों को समुद्री लुटेरों ने निशाना बनाया है।
समुद्री व्यापार के लिए यह क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण है। यहां से तेल, गैस और दूसरे जरूरी सामान की आवाजाही होती है। ऐसे में समुद्री लुटेरों की गतिविधियां बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
भारतीय नौसेना लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही है।
Niharika Gupta Verified Public Figure • 11 Oct, 2026Senior Sub Editor
पत्रकारिता में करीब 2 वर्ष का अनुभव, newstvindia.in में बतौर सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। रियलटाइम के साथ साथ क्राइम और हेल्थ से संबंधित समाचार लिखने में विशेष रुचि है। इनसे niharika@newstvindia.in पर संपर्क किया जा सकता है।