पंजाब के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प: अब बच्चों को मिलेगा RO का साफ पानी और वाटर कूलर की ठंडक
पंजाब के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए RO और वाटर कूलर लगाने के निर्देश जारी। जानें कैसे होगा फंड का इस्तेमाल।
लुधियाना: पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। राज्य शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पीने के साफ और ठंडे पानी की किल्लत को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की है। अक्सर देखा गया है कि गर्मियों के मौसम में वाटर कूलर न होने की वजह से बच्चों को गर्म पानी पीना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
खास बजट से सुधरेगी व्यवस्था
शिक्षा विभाग ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए 15वें वित्त आयोग की 'टाइड ग्रांट्स' (Tied Grants) का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। भारत सरकार के नियमों के मुताबिक, इस फंड का 50 प्रतिशत हिस्सा खास तौर पर पीने के पानी की सुविधा, बारिश के पानी को बचाने और वाटर रीसाइक्लिंग के लिए खर्च किया जा सकता है। इसी बजट से अब स्कूलों में आधुनिक RO सिस्टम और वाटर कूलर लगाए जाएंगे।
खरीद के लिए बनाई गई विशेष कमेटी
समान और मशीनरी की खरीद में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए सरकार ने एक विशेष कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगी कि स्कूल के लिए खरीदा गया सामान उच्च गुणवत्ता का हो।
• कमेटी के चेयरमैन: ग्राम पंचायत के सरपंच को इस जिम्मेदारी के लिए अध्यक्ष बनाया गया है।
• कमेटी के सदस्य: संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल (मुख्याध्यापक), पंचायती राज विभाग के जूनियर इंजीनियर (J.E.) और पंचायत सचिव को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
सख्त नियमों का होगा पालन
विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी वाटर कूलर और RO सिस्टम की खरीद पंजाब सरकार की तय दरों और विशेषताओं के आधार पर ही की जाएगी। पूरी प्रक्रिया 'पंजाब ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट एक्ट-2019' के नियमों के तहत होगी, ताकि सरकारी धन का सही इस्तेमाल हो और बच्चों को जल्द से जल्द ये सुविधाएं मिल सकें।
इस कदम से न केवल बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि चिलचिलाती धूप और गर्मी के दौरान उन्हें स्कूल परिसर में ही ठंडा और शुद्ध पानी मिल सकेगा।