SAD-BJP गठबंधन की चर्चाओं पर बरसे CM भगवंत मान, बोले 'यह सत्ता हथियाने की मौकापरस्त और निराशाजनक कोशिश'
शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच फिर से गठबंधन होने की चल रही चर्चाओं के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि दोनों पार्टियों का एक साथ आना, पंजाब के लोगों द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद राजनीतिक सत्ता हासिल करने की एक निराशाजनक कोशिश को दर्शाता है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jun 10, 2026 • 7:24 AM | Chandigarh
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SAD-BJP गठबंधन की चर्चाओं पर बरसे CM भगवंत मान, बोले 'यह सत्ता हथियाने की मौकापरस्त और निराशाजनक कोशिश'
शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच फिर से गठबंधन होने की चल रही चर्चाओं के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि दोनों पार्टियों का एक साथ आना, पंजाब के लोगों द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद राजनीतिक सत्ता हासिल करने की एक निराशाजनक कोशिश को दर्शाता है।
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SAD-BJP गठबंधन की चर्चाओं पर बरसे CM भगवंत मान, बोले 'यह सत्ता हथियाने की मौकापरस्त और निराशाजनक कोशिश'
Punjab News:शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच फिर से गठबंधन होने की चल रही चर्चाओं के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि दोनों पार्टियों का एक साथ आना, पंजाब के लोगों द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद राजनीतिक सत्ता हासिल करने की एक निराशाजनक कोशिश को दर्शाता है। अमलोह हलके के गाँव शमसपुर में लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन जनता की भलाई या किसी साझा विचारधारा के लिए नहीं, बल्कि उस राजनीति को जीवंत करने के लिए किया जा रहा है, जिसने नशों की पुश्तपनाही, किसान विरोधी नीतियों और बाँटो और राज करो के एजेंडे के ज़रिये पंजाब का नुकसान किया था।
धोखाधड़ी और निजी हितों की राजनीति को फिर से हावी नहीं होने देंगे
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस आंतरिक कलह और नेतृत्व की व्यक्तिगत इच्छाओं की भेंट चढ़ चुकी है। पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए जनकल्याण के प्रयासों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंजाबियों ने 2022 में ईमानदार शासन और विकास को चुना और वे अब लूट, धोखाधड़ी और निजी हितों की राजनीति को फिर से हावी नहीं होने देंगे।
सभा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया, “पंजाबी पहले ही पारंपरिक पार्टियों को नकार चुके हैं और वे ऐसे मौकापरस्त राजनीतिक समझौतों के ज़रिये उन्हें वापस नहीं आने देंगे, जो न तो किसी विचारधारा और न ही जनता की भलाई के हक में हैं।”
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अकाली दल और भाजपा के उभरते गठबंधन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल-भाजपा गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए घातक साबित होगा क्योंकि यह किसी विचारधारा या जनकल्याण के सरोकार पर आधारित नहीं है। इसका एकमात्र उद्देश्य पंजाब में सत्ता हथियाना है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने सालों एक-दूसरे पर हमले किए और ज़हर उगला है। अब वे लोगों को बताएँ कि वे किस मुँह से जनता से समर्थन माँगेंगे। पंजाबी ऐसे राजनीतिक ड्रामों के छलावे में नहीं आएँगे और उन्हें करारा सबक सिखाएँगे।”
भाजपा को निशाने पर लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा ने हमेशा पंजाब विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन किया है और बार-बार पंजाब के साथ भेदभाव किया है, जिससे सूबे के विकास और तरक्की को ख़तरे में डाला गया। भाजपा द्वारा थोपे गए किसान विरोधी कानूनों के ख़िलाफ़ संघर्ष के दौरान 700 से अधिक किसानों की जान गई। इस पार्टी ने लगातार पंजाब के साथ अन्याय किया है और अब धर्म के नाम पर लोगों को बाँटने की कोशिश कर रही है।”
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केंद्रीय एजेंसियाँ लगातार भाजपा के इशारे पर काम कर रही हैं और लोगों पर भगवा पार्टी का समर्थन करने के लिए दबाव बनाने और डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। राजनीतिक विरोधियों और यहाँ तक कि छोटे व्यापारियों को भी पार्टी हितों के लिए परेशान किया जा रहा है। ऐसे हथकंडों के ज़रिये विरोधियों को निशाना बनाकर भाजपा लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रही है और पंजाब ऐसी कार्रवाइयों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।”
अकाली दल के कार्यकाल के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं और नशों के मुद्दे पर तीखे हमले करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस पार्टी ने बार-बार गुरबाणी के नाम पर वोट माँगे, लेकिन जब पंजाब में बेअदबी की घटनाएँ हुईं, जिन्होंने लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई, तो ये नेता गुरबाणी की पवित्रता की रक्षा करने में नाकाम रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों ने गुरबाणी के नाम पर वोट माँगे, लेकिन इसकी पवित्रता बरकरार रखने में असफल रहे। गुरु साहिबान की शिक्षाओं का बार-बार हवाला देने के बावजूद उनके शासन के दौरान बेअदबी की ऐसी घटनाएँ हुईं, जिन्होंने पंजाबियों के दिलों को ठेस पहुंचाई। जो लोग अपने कार्यकाल के दौरान विकास की बातें करते हैं, वे कोटकपूरा, बहबल कलां और अन्य दर्दनाक घटनाओं को आसानी से भूल जाते हैं, जहाँ मासूम जानें गई थीं।”
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई और बेकसूर लोगों की जानें गईं
शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल अकाली सरकार के विकास की बातें करते हैं, लेकिन कोटकपूरा, बहबल कलां और अन्य घटनाओं से आँखें मूँद लेते हैं, जहाँ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई और बेकसूर लोगों की जानें गईं। अकालियों को पीढ़ियाँ बर्बाद करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का कारोबार फला-फूला।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “इन नेताओं के हाथ उन लाखों नौजवानों के खून से रंगे हैं, जो राज्य भर में सप्लाई किए जाने वाले नशों की भेंट चढ़ गए। उनके गुनाह माफी के काबिल नहीं हैं और लोग उनके बुरे कारनामों की लंबी दास्तान को कभी नहीं भूल सकते। अकाली नेताओं ने अपने लंबे शासन के दौरान पंजाब को बेरहमी से लूटा और आम नागरिकों पर अनगिनत ज़ुल्म किए।”
अकाली दल और भाजपा के बीच भविष्य में होने वाले किसी भी गठबंधन के ख़िलाफ़ चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “दोनों पार्टियाँ अब अपनी सत्ता की भूख मिटाने के लिए फिर से हाथ मिलाना चाहती हैं। ऐसा गठबंधन पंजाब के लिए विनाशकारी साबित होगा क्योंकि इसका एकमात्र उद्देश्य राज्य की तरक्की को पटरी से उतारना और इसे फिर से काले दौर में धकेलना है। पंजाबी इन पार्टियों के चरित्र और नीयत को अच्छी तरह समझते हैं और ऐसे संकीर्ण सोच वाले गठबंधन का कभी समर्थन नहीं करेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक पार्टियों ने लोगों को सांप्रदायिक राह पर बाँटकर बार-बार उनका शोषण किया है। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों का पंजाब के संसाधनों को लूटने और आम नागरिकों का शोषण करने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। पंजाब के लोग सर्वोपरि हैं और वे उस सरकार के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं, जो समाज के हर वर्ग के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है।”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हर कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उनके पास कार्यकर्ताओं से ज़्यादा मुख्यमंत्री बनने के चाहने वाले हैं। कांग्रेसी नेता सत्ता में वापसी के सपने देखते रहते हैं, लेकिन पार्टी आपस में बँटी हुई है और आंतरिक लड़ाइयों का अड्डा बनी हुई है। उनके पास पंजाब के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है और उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना है।”
उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेसी नेता पंजाब में सत्ता संभालने के सपने देख रहे हैं। पार्टी एकजुट नहीं है, जो अपने आंतरिक झगड़ों के कारण ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी। उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब के संसाधनों पर कब्जा करना है, लेकिन राज्य के लोग उनके मंसूबों से पूरी तरह वाकिफ हैं।”
2022 में लोगों द्वारा दिए गए ऐतिहासिक जनादेश को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के दशकों लंबे शासन के बाद पंजाब ने शासन में एक आदर्श बदलाव देखा है। उन्होंने कहा, “दशकों से पारंपरिक पार्टियाँ सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार करती रहीं। आज झाड़ू उन पार्टियों द्वारा पैदा की गई गंदगी को साफ कर रहा है। 2022 में लोगों ने सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाकर एक ईमानदार सरकार को सत्ता सौंप दी। उस ऐतिहासिक जनादेश ने पंजाब को बदल दिया है और हमें जनकल्याण के लिए अथक काम करने के योग्य बनाया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 2022 के जनादेश ने पंजाब को बदलने और इसे देश का अग्रणी राज्य बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।
संपत्ति कुर्क की जा सकती है और बेची जा सकती है
जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम 2026 के कार्यान्वयन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वाहेगुरु ने हमें इस ऐतिहासिक कानून के ज़रिये मानवता की सेवा करने का मौका बख्शा है। इस कानून के तहत बेअदबी के दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति को अब दस साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा के साथ-साथ 50 लाख रुपये का जुर्माना किया जा सकता है। अगर जुर्माना अदा नहीं किया जाता है तो संपत्ति कुर्क की जा सकती है और बेची जा सकती है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के नतीजों को याद रखें।”
इस कानून के बेअदबी के ख़िलाफ़ एक मजबूत निरोधक के रूप में काम करने की उम्मीद जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और इसकी पवित्रता की रक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जिन्होंने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, उन्हें माफ नहीं किया जा सकता। हम भाग्यशाली हैं कि इस ऐतिहासिक कानून को लागू करके हमने अपनी जिम्मेदारी निभाई है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं के ख़िलाफ़ निरोधक के रूप में काम करेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “यह कानून यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत न करे। अगर पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा नहीं कर सकती तो कोई और नहीं करेगा। हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जो ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।”
आप सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा लोगों का है और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर पैसा लोगों की भलाई पर खर्च किया जाए। लोगों का पैसा उन्हें बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और जनसेवाओं के ज़रिये वापस किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, 67,000 से अधिक नौजवानों को बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं, सड़कों को अपग्रेड किया जा रहा है, टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे रोज़ाना 70 लाख रुपये की बचत हो रही है और बुनियादी ढाँचे से संबंधित व्यापक प्रोजेक्ट प्रगति के अधीन हैं।”
सिंचाई सुधारों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब हमने सत्ता संभाली थी, तब सिंचाई के लिए सिर्फ 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था। आज यह आँकड़ा 80 प्रतिशत को पार कर गया है।”
सिंचाई बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने से संबंधित किए गए प्रयासों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने राज्य भर में 14,000 किलोमीटर पाइप लाइनें बिछाई हैं और खालों को बहाल किया है और उनके ज़रिये 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा है। यह पानी दो भाखड़ा नहरों द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी के बराबर है और इससे किसानों को बेहद लाभ होगा।”
सिंचाई बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के प्रयासों के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने राज्य भर में 14,000 किलोमीटर पाइप लाइनें और रजवाहे निकाले हैं और उनके ज़रिये 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा है। यह दो भाखड़ा नहरों द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी के बराबर है और इसका किसानों को बहुत लाभ होगा।”
ज़मीन के नीचे पानी के स्तर को सुधारने के उद्देश्य से किए गए उपायों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में ज़मीन के नीचे पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ गया है। यह एक तरह से पंजाब के भविष्य के लिए निवेश है क्योंकि पानी के बिना पंजाब की पहचान ही खतरे में है।”
शिक्षा ही परिवारों को ऊपर उठा सकती है, जीवन बदल सकती है और लोगों को गरीबी से मुक्त करने में मदद कर सकती है
सामाजिक बदलाव में शिक्षा की भूमिका पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कोई भी रियायत या कल्याण कार्ड गरीबी को स्थायी तौर पर खत्म नहीं कर सकता। सिर्फ शिक्षा ही परिवारों को ऊपर उठा सकती है, जीवन बदल सकती है और लोगों को गरीबी से मुक्त करने में मदद कर सकती है।”
शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की प्रगति का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “निरंतर सुधारों के कारण पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल-स्कूल शिक्षा में अग्रणी स्थान प्राप्त करने के लिए केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार सालों में ‘आप’ सरकार ने स्कूलों को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं, मानक अध्यापक ट्रेनिंग प्रदान की है और शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाया है। आज पंजाब इन प्रयासों के कारण शीर्ष पर है।”
हालिया रैंकिंग का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नीति आयोग ने नए आँकड़े जारी किए हैं जो दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल-स्कूल शिक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने के लिए केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पिछले चार सालों से ‘आप’ सरकार ने अध्यापक ट्रेनिंग, आधुनिक शिक्षण विधियों और स्मार्ट क्लासरूमों पर ध्यान केंद्रित किया है। पहले केरल शीर्ष स्थान पर होता था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान प्राप्त किया है। हम भविष्य में और भी बड़े प्रयास जारी रखेंगे।”
शिक्षा को सामाजिक बदलाव के लिए सबसे शक्तिशाली साधन बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधेरे को दूर करता है और समाज को बदलता है। इसीलिए हमारी सरकार इस क्षेत्र को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रही है।”
स्वास्थ्य सेवा पहलों पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को सेहत कार्ड जारी किए जा रहे हैं, जिससे हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है।” उन्होंने आगे कहा, “30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही अपने सेहत कार्ड प्राप्त कर चुके हैं और लोगों ने इस योजना के तहत लगभग 650 करोड़ रुपये का इलाज हासिल किया है। मैं सभी पात्र परिवारों से इन कार्डों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूँ।”
किसानों के लिए बिजली सप्लाई में सुधारों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को धान के सीजन के दौरान आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली सप्लाई मिली है, जिससे उनके जीवन में काफी सुधार हुआ है।”
18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह प्राप्त होंगे
‘मावां धियां सतिकार योजना’ का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने यह योजना शुरू की है, जिसके तहत 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह प्राप्त होंगे। पात्र लाभार्थियों को पहली जुलाई से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।”
लोक मिलनी को लोगों से सीधे जुड़ने का मौका बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कोई राजनीतिक समारोह नहीं है, बल्कि नागरिकों से सीधे संपर्क का मंच है। पंजाब में सरकारें आईं और गईं, लेकिन लोगों की किसी ने परवाह नहीं की। पारंपरिक पार्टियों ने शासन को खेल समझा और पंजाब के संसाधनों को बुरी तरह लूटा। लोगों ने ‘झाड़ू’ में अपना विश्वास दिखाकर ऐसी लुटेरी पार्टियों को जवाब दिया और लोगों का भरोसा बनाए रखते हुए राज्य भर में स्कूलों, अस्पतालों और जनसेवाओं की तस्वीर बदल दी गई है।”