अगर हो रहा है हीमोग्लोबिन कम तो भूल कर भी न करें यह गलती जानें फास्ट ट्रीटमेंट
Low heamoglobin से कई बार बॉडी को हैवी हेल्थ इश्यू हो जाते है लाइफस्टाइल को सही करके और डॉक्टर से टाइम पर ट्रीटमेंट लेकर आप इसे टाइम पर सही कर सकते है।
अगर हो रहा है हीमोग्लोबिन कम तो भूल कर भी न करें यह गलती जानें फास्ट ट्रीटमेंट
कई बार लाइफस्टाइल का ध्यान न रखने से लोगों में बहुत ही तेजी से एनीमिया हो जाता है। यह खास कर महिलाओं और बच्चों को होता है। यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी करता है जिससे थकान और कमजोरी फील होती है। अगर आप अपनी हेल्थ का ध्यान रखते है तो यह बहुत ही जल्दी सही हो जाता है।
कम हीमोग्लोबिन के कारण
कम हीमोग्लोबिन आयरन की कमी से होता है इस का सबसे बड़ा कारण है जो खराब आहार या अधिक रक्तस्राव से होता है। कई बार विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी, भारी मासिक धर्म, गर्भावस्था या अंदरूनी रक्तस्राव भी इस में शामिल हैं।
• इस के अलावा आनुवंशिक डिजीज जैसे थैलेसीमिया भी इस में शामिल हैं। इस के अलावा पुरानी बीमारियां जैसे किडनी या लीवर की प्रॉब्लम, कैंसर, संक्रमण या ज्यादा शराब पीना भी हीमोग्लोबिन को घटाते हैं। कई बार लगातार दवाओं के साइड इफेक्ट्स से यह प्रॉब्लम बढ़ सकती है।
नजरअंदाज न करें लक्षणों को
इस के कई सारे लक्षण है जिन्हें आपको इग्नोर नहीं करना चाहिए इस में थकान, कमजोरी और सांस फूलना जैसे लक्षण शामिल हैं। इस के अलावा चक्कर आना, सिरदर्द या ठंडे हाथ-पैर फील होना भी होता है।
• कई बार स्किन का पीला पड़ना, नाखूनों का भंगुर होना या बाल झड़ना भी इस में शामिल हैं। अगर आप इन लक्षणों पर ध्यान नहीं देते है तो यह आगे और भी ज्यादा बढ़ जाते हैं।
READ MORE - कहीं आप भी तो नहीं इंसुलिन स्पाइक के शिकार जानें कारण और इसके आसान से उपाय
हीमोग्लोबिन है इंपॉर्टेंट एलिमेंट
हीमोग्लोबिन हमारे बॉडी का सबसे इंपॉर्टेंट एलिमेंट है जो ऑक्सीजन को सप्लाई करने का काम करता हैं। हीमोग्लोबिन लाल ब्लड सेल्स में मिलने वाला एक प्रोटीन है जो फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर पूरे शरीर तक पहुंचाता है।
• इस के नॉर्मल लेवल में पुरुषों में 13 से 17 ग्राम/डीएल और महिलाओं में 12 से 15 ग्राम/डीएल होता है
जानें इसके ट्रीटमेंट
इस का ट्रीटमेंट भी अगर आप टाइम पर ले लेते है तो ई से जल्दी रिलीफ मिल जाता है। वहीं सीबीसी टेस्ट से हीमोग्लोबिन लेवल का पता चलता है।
• इस में आयरन, B12 और फोलिक एसिड टेस्ट इस के कारण क्लियर करते हैं। आयरन सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन भी कमी दूर करते हैं।
• डॉक्टर इस में कई बार B12 इंजेक्शन या फोलिक एसिड की गोलियां भी देते हैं। इस का प्रॉपर ट्रिटमेंट पेशेंट की हालत पर डिपेंड करता है।
READ MORE - गर्मी में कांजी रखेगी बॉडी को हाइड्रेटेड जानें इस के फायदे और बनाने की रेसिपी
जानें घरेलू उपाय
इसे आप अपनी डाइट में चेंज करके भी सही कर सकते है। वहीं पालक, चुकंदर, अनार, गुड़ और दालें आयरन से भरपूर हैं। इस में विटामिन C से भरे फल जैसे संतरा भी एब्जॉर्ब्शन को बढ़ाते हैं। इसे अपनी डेली डाइट में शामिल करें अगर बॉडी से रिलेटेड कोई प्रॉब्लम चल रही है तो डॉक्टर की सलाह से इसे खाएं।
• आपको अपने बॉडी की हर 3 महीने में जांच भी करानी चाहिए इस से कोई भी प्रॉब्लम हो तो आपको टाइम पर पता चल जाता है। वहीं गर्भावस्था में आपको डेली जांच करानी चाहिए।
READ MORE - रिंकल्स और ड्राई स्किन प्रॉब्लम्स को Homemade Collagen मास्क से करें दूर
अगर आपको लो ट्रीटमेंट से जुड़ी यह जानकारी अच्छी लगी है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। अगर आपका कोई प्रश्न या सुझाव है तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है।