डिंडौरी में गहराया जल संकट: नाले का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण, जनसुनवाई में गूंजी खाली बर्तनों की आवाज
डिंडौरी जिले में भीषण जल संकट के चलते ग्रामीण दूषित नाले का पानी पीने को मजबूर हैं। खाली बर्तन लेकर जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने तत्काल समाधान की मांग की।
Key Highlights
- डिंडौरी जिले में पीने के पानी का गंभीर संकट अपने चरम पर पहुंच गया है।
- कई गांवों के ग्रामीण नाले के दूषित पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ा।
- आक्रोशित ग्रामीणों ने खाली बर्तन लेकर जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन से तत्काल समाधान की गुहार लगाई।
डिंडौरी में गंभीर पेयजल संकट: नाले के पानी पर जीवन
मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले से सामने आ रही खबर ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं की कमी की एक भयावह तस्वीर पेश करती है। यहां के कई गांवों में पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए नाले के दूषित पानी का सहारा लेना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गई है, बल्कि मानवीय गरिमा पर भी सवाल खड़े करती है।
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण खाली बर्तन लेकर पहुंचे। उनके हाथों में पानी की बोतलें नहीं, बल्कि सूने घड़े और बाल्टियां थीं, जो पानी की कमी के उनके दर्द को बयां कर रही थीं। इन ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि उन्हें मीलों दूर से पानी लाना पड़ता है, और जब वह भी उपलब्ध नहीं होता, तो नाले का गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है।