राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन, ‘हमारे संविधान ने न्याय और बंधुत्व को परिभाषित किया’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने संविधान के आदर्शों, सरदार पटेल की 150वीं जयंती और 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के संकल्प पर जोर दिया।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Jan 25, 2026 • 9:27 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी
5 months ago
राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन, ‘हमारे संविधान ने न्याय और बंधुत्व को परिभाषित किया’
संविधान ने न्याय और बंधुत्व को परिभाषित किया’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने संविधान के आदर्शों, सरदार पटेल की 150वीं जयंती और 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के संकल्प पर जोर दिया।
Full Story: https://www.newstvindia.in/president-s-address-to-the-nation-our-constitution-defined-justice-and-fraternity
https://www.newstvindia.in/president-s-address-to-the-nation-our-constitution-defined-justice-and-fraternity
N
News
NEWS CARD
Logo
राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन, ‘हमारे संविधान ने न्याय और बंधुत्व को परिभाषित किया’
“राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन, ‘हमारे संविधान ने न्याय और बंधुत्व को परिभाषित किया’”
Favicon
News TV India
https://www.newstvindia.in/president-s-address-to-the-nation-our-constitution-defined-justice-and-fraternity
Date
25 January 2026
राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन, ‘हमारे संविधान ने न्याय और बंधुत्व को परिभाषित किया’
राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन, ‘हमारे संविधान ने न्याय और बंधुत्व को परिभाषित किया’

नई दिल्ली : देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया और देशवासियों को इस राष्ट्रीय पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश और विदेश में रहने वाले, हम भारत के लोग, उत्साह के साथ, गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मैं, आप सभी को गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व की हार्दिक बधाई देती हूं।

उन्होंने कहा कि गणतन्त्र दिवस का पावन पर्व हमारे अतीत, वर्तमान और भविष्य में देश की दशा और दिशा का अवलोकन करने का अवसर होता है। स्वाधीनता संग्राम के बल पर, 15 अगस्त 1947 के दिन से, हमारे देश की दशा बदली। भारत स्वाधीन हुआ। हम अपनी राष्ट्रीय नियति के निर्माता बने। 26 जनवरी 1950 के दिन से, हम अपने गणतन्त्र को, संवैधानिक आदर्शों की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। उसी दिन, हमने अपने संविधान को पूरी तरह से लागू किया। लोकतन्त्र की जननी, भारतभूमि, उपनिवेश के विधि-विधान से मुक्त हुई और हमारा लोक-तंत्रात्मक गणराज्य अस्तित्व में आया। हमारा संविधान, विश्व इतिहास में आज तक के सबसे बड़े गणराज्य का आधार-ग्रंथ है। हमारे संविधान में निहित न्याय, स्वतन्त्रता, समता और बंधुता के आदर्श हमारे गणतन्त्र को परिभाषित करते हैं। संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रीयता की भावना तथा देश की एकता को संवैधानिक प्रावधानों का सुदृढ़ आधार प्रदान किया है।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Live TV

हमें फॉलो करें

For You

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications
Live TV