राहत की खबर: होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ा LPG टैंकर, रसोई गैस की किल्लत का खतरा टला
मध्य पूर्व में तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रसोई गैस की सप्लाई को लेकर जो चिंता पिछले कुछ हफ्तों से बढ़ रही थी, वह अब कुछ हद तक कम होती दिख रही है। केंद्र सरकार में मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि एलपीजी लेकर एक और टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Apr 12, 2026 • 6:55 AM | New Delhi
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
3 months ago
राहत की खबर: होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ा LPG टैंकर, रसोई गैस की किल्लत का खतरा टला
मध्य पूर्व में तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रसोई गैस की सप्लाई को लेकर जो चिंता पिछले कुछ हफ्तों से बढ़ रही थी, वह अब कुछ हद तक कम होती दिख रही है। केंद्र सरकार में मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि एलपीजी लेकर एक और टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है।
“राहत की खबर: होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ा LPG टैंकर, रसोई गैस की किल्लत का खतरा टला”
News TV India
https://www.newstvindia.in/s/4ff064
Date
12 April 2026
QR Code
https://www.newstvindia.in/s/4ff064
राहत की खबर: होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ा LPG टैंकर, रसोई गैस की किल्लत का खतरा टला
नई दिल्ली : मध्य पूर्व में तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रसोई गैस की सप्लाई को लेकर जो चिंता पिछले कुछ हफ्तों से बढ़ रही थी, वह अब कुछ हद तक कम होती दिख रही है। केंद्र सरकार में मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि एलपीजी लेकर एक और टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है।
केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए एक्स पोस्ट में बताया, "भारतीय शिपिंग ऑपरेशंस पर अपडेट। भारतीय ध्वज वाला जहाज JAG VIKRAM, जिसमें 24 भारतीय क्रू मेंबर हैं, 11 अप्रैल को पर्शियन गल्फ क्षेत्र से सफलतापूर्वक बाहर निकल गया है।" अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू है और होर्मुज स्ट्रेट को आंशिक रूप से जहाजों के लिए खोला गया है। इसी बीच 'जग विक्रम' नाम का यह टैंकर शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच इस अहम समुद्री रास्ते को पार कर गया।
ओमान की खाड़ी में पहुंचा LPG टैंकर
जहाज फिलहाल ओमान की खाड़ी में पहुंच चुका है और आगे पूर्व दिशा में बढ़ रहा है। यह एक मिड-साइज गैस कैरियर है, जिसकी क्षमता करीब 26,000 टन है। अनुमान है कि इसमें लगभग 20,000 टन LPG लदा हुआ है, जो भारत के लिए बेहद अहम सप्लाई है। दरअसल, जब पश्चिम एशिया में जंग शुरू हुई थी, तब होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह प्रभावित हो गया था। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और बड़ी मात्रा में गैस की सप्लाई गुजरती है। इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई थी।
क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?
WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।
भारत पर इसका असर और भी ज्यादा पड़ा, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। भारत करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल, लगभग आधा प्राकृतिक गैस और करीब 60 प्रतिशत LPG बाहर से मंगाता है। इसमें भी सबसे ज्यादा सप्लाई खाड़ी देशों से आती है, जो होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती है। यही वजह थी कि जब यह रास्ता बंद हुआ, तो भारत में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई। सरकार ने एहतियात के तौर पर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल यूजर्स के लिए LPG सप्लाई घटा दी थी, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।
भारत में गैस सप्लाई प्रभावित
साथ ही, गैस की सप्लाई भी उद्योगों के लिए कम कर दी गई थी, ताकि CNG और घरों में पाइप्ड गैस की सप्लाई बनी रहे। उर्वरक उद्योगों को भी सीमित मात्रा में गैस दी जा रही थी। हालांकि अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है। 'जग विक्रम' का सुरक्षित निकलना इस दिशा में एक बड़ा संकेत है। यह मार्च की शुरुआत के बाद से पर्शियन गल्फ से बाहर निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज है। अभी भी करीब 15 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जो सही मौके का इंतजार कर रहे हैं।
सैकड़ों विदेशी जहाज भी इस इलाके में फंसे हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में अभी भी 400 से ज्यादा टैंकर, दर्जनों LPG और LNG जहाज मौजूद हैं, जो जंग के कारण प्रभावित हुए थे। हालांकि अब सीजफायर के बाद हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। भारत ने भी वैकल्पिक स्रोतों से गैस की व्यवस्था कर ली है, जिससे सप्लाई का दबाव कम हुआ है। उर्वरक संयंत्रों को अब पहले से ज्यादा गैस मिलने लगी है और अन्य उद्योगों को भी धीरे-धीरे सप्लाई बढ़ाई जा रही है।
सरकार ने शहरों में गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे कमर्शियल संस्थानों को पाइप्ड गैस कनेक्शन देने पर जोर दें, ताकि LPG पर निर्भरता कम की जा सके। आने वाले दिनों में अगर और जहाज सुरक्षित बाहर निकलते हैं, तो देश में गैस सप्लाई पूरी तरह स्थिर हो सकती है। फिलहाल, इस खबर ने करोड़ों लोगों को यह भरोसा जरूर दिलाया है कि रसोई गैस की किल्लत का खतरा टलता नजर आ रहा है।