राज्यपाल ने नगाड़ा वादन से किया शिल्पग्राम उत्सव 2024 का शुभारंभ, लोक कलाकारों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने की अपील

राज्यपाल श्री हरीभाऊ बागडे ने शनिवार को उदयपुर के शिल्पग्राम में पारंपरिक लोक वाद्य नगाड़ा वादन कर "शिल्पग्राम उत्सव 2024" का भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने उत्सव में शामिल हुए लोक कलाकारों और शिल्पकारों का स्वागत करते हुए उनके हुनर और कला की सराहना की।

Dec 22, 2024 - 07:34
राज्यपाल ने नगाड़ा वादन से किया शिल्पग्राम उत्सव 2024 का शुभारंभ, लोक कलाकारों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने की अपील
राज्यपाल ने नगाड़ा वादन से किया शिल्पग्राम उत्सव 2024 का शुभारंभ, लोक कलाकारों और शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने की अपील

जयपुर : राज्यपाल श्री हरीभाऊ बागडे ने शनिवार को उदयपुर के शिल्पग्राम में पारंपरिक लोक वाद्य नगाड़ा वादन कर "शिल्पग्राम उत्सव 2024" का भव्य शुभारंभ किया। उन्होंने उत्सव में शामिल हुए लोक कलाकारों और शिल्पकारों का स्वागत करते हुए उनके हुनर और कला की सराहना की।

राज्यपाल ने कहा, "राजस्थान की भूमि विविधता और उत्सवों से भरी हुई है। यहां की संस्कृति और इतिहास प्रेरणादायक हैं।" उन्होंने महाराणा प्रताप के साहस और राजस्थान की गौरवशाली परंपरा की चर्चा करते हुए प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

लोक कलाकारों और शिल्पकारों को मंच मिलने का महत्व

राज्यपाल ने कहा कि "शिल्पग्राम उत्सव" जैसे आयोजन लोक कलाकारों, हस्तशिल्पियों और हुनरमंद कारीगरों को अपनी कला प्रदर्शित करने और पहचान बनाने का बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि वे शिल्पग्राम मेले में प्रदर्शित हस्तशिल्प (Handicraft), ग्रामीण उत्पाद, और अन्य कलात्मक वस्तुओं की खरीददारी करें, जिससे कलाकारों को आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन मिल सके।

डॉ. कोमल कोठारी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड का वितरण

इस अवसर पर, राज्यपाल श्री बागडे ने जयपुर के डॉ. रूपसिंह शेखावत (भवाई लोक नृत्य) और महाराष्ट्र के श्री गणपत सखाराम मसगे (कठपुतली एवं चित्रकला) को "डॉ. कोमल कोठारी लाइफटाइम अचीवमेंट लोक कला पुरस्कार" से सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की अनमोल कला और उनके योगदान को सराहा।

शिल्पग्राम उत्सव 2024 के मुख्य आकर्षण

  • कला प्रदर्शनियां (Art Exhibitions): देशभर के लोक कलाकारों ने अपनी कला और शिल्प का प्रदर्शन किया।
  • हस्तशिल्प उत्पाद (Handmade Products): मेले में विविध प्रकार के हस्तनिर्मित उत्पाद उपलब्ध हैं।
  • परंपरागत नृत्य एवं संगीत (Traditional Dance & Music): विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य और संगीत कार्यक्रम आयोजन का हिस्सा बने।
  • स्थानीय कारीगरों का मंच (Local Artisan Platform): ग्रामीण क्षेत्र के कारीगरों को अपनी कला और उत्पाद बेचने का अवसर।
  • सांस्कृतिक विविधता (Cultural Diversity): उत्सव ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को दिखाने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया।

शिल्पग्राम उत्सव 2024 राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और लोक कला को प्रोत्साहित करने का एक अनूठा प्रयास है, जो स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर कला और शिल्प को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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