व्यापम घोटाला: पीएमटी-2011 में डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने वाले 12 दोषियों को 5-5 साल की सजा
इंदौर की सीबीआई कोर्ट ने पीएमटी-2011 व्यापम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले 12 डमी उम्मीदवारों को दोषी ठहराते हुए 5 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा दी गई।
इंदौर : मध्य प्रदेश की इंदौर सीबीआई कोर्ट ने शनिवार को पीएमटी-2011 परीक्षा (व्यापम घोटाला) में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने वाले 12 डमी उम्मीदवारों को दोषी पाते हुए उन्हें सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों को 5-5 साल के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 6,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इन आरोपियों ने असली परीक्षार्थियों से मिलीभगत कर उनके स्थान पर अवैध रूप से परीक्षा दी थी। दोषियों में आशीष यादव उर्फ आशीष सिंह, सत्येंद्र वर्मा, धीरेंद्र तिवारी, बृजेश जायसवाल, दुर्गा प्रसाद यादव, राकेश कुर्मी, नरेंद्र चौरसिया, अभिलाष यादव, खूब चंद राजपूत, पवन राजपूत, लखन धनगर और सुंदरलाल धनगर शामिल हैं। अपराध के समय नाबालिग दीपक गौतम के मामले में किशोर न्याय बोर्ड द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा चुकी थी।