“औरंगाबाद के शहरों में कचरा प्रबंधन पर बड़ा प्लान, MRF से सैनिटरी लैंडफिल तक की तैयारी; DM ने दिए ये निर्देश”
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11 July 2026
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औरंगाबाद के शहरों में कचरा प्रबंधन पर बड़ा प्लान, MRF से सैनिटरी लैंडफिल तक की तैयारी; DM ने दिए ये निर्देश
प्रमोद कुमार सिंह / औरंगाबाद : औरंगाबाद जिले के शहरी क्षेत्रों में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। Aurangabad Solid Waste Management योजना के तहत मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF), कम्पोस्ट प्लांट और सैनिटरी लैंडफिल स्थापित करने के लिए जमीन की उपलब्धता पर जिला प्रशासन ने समीक्षा शुरू कर दी है।
जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने समाहरणालय सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित परियोजनाओं की स्थिति जानी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उपयुक्त भूमि का शीघ्र चयन करने और लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।
Aurangabad Solid Waste Management के लिए जमीन की तलाश तेज
बैठक में नगर परिषद औरंगाबाद और दाउदनगर के साथ रफीगंज, नवीनगर, देव, बारुण, मदनपुर और जम्होर के शहरी स्थानीय निकायों में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
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इन क्षेत्रों में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी यानी MRF, कम्पोस्ट प्लांट और सैनिटरी लैंडफिल की स्थापना के लिए उपलब्ध भूमि और प्रस्तावित स्थलों की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
डीएम ने प्रत्येक शहरी स्थानीय निकाय में परियोजनाओं के अनुरूप उपयुक्त जमीन की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित करने को कहा।
MRF और कम्पोस्ट प्लांट से कैसे बदलेगी कचरा प्रबंधन व्यवस्था?
MRF केंद्रों के जरिए ठोस कचरे में मौजूद पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग करने की व्यवस्था विकसित की जाती है। वहीं कम्पोस्ट प्लांट में जैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण की व्यवस्था की जा सकती है।
सैनिटरी लैंडफिल की स्थापना से शेष अपशिष्ट के व्यवस्थित निस्तारण के लिए निर्धारित व्यवस्था तैयार होगी। प्रशासन का जोर शहरों में कचरा प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर है।
DM अभिलाषा शर्मा ने लंबित मामलों पर दिए निर्देश
Aurangabad Solid Waste Management की समीक्षा के दौरान विभिन्न नगर निकायों में उपलब्ध जमीन, प्रस्तावित स्थल और लंबित मामलों पर बिंदुवार चर्चा हुई।
जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण और इससे जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं का तेजी से निष्पादन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि भूमि उपलब्धता की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी उपलब्ध कराएं।
‘स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहरों के लिए वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन जरूरी’
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल शहरों के निर्माण के लिए ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन बेहद जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि MRF, कम्पोस्ट प्लांट और सैनिटरी लैंडफिल की स्थापना से जुड़ी जमीन की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए, ताकि योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
औरंगाबाद समेत 8 शहरी निकायों पर प्रशासन की नजर
समीक्षा बैठक में औरंगाबाद, दाउदनगर, रफीगंज, नवीनगर, देव, बारुण, मदनपुर और जम्होर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई।
अब संबंधित कार्यपालक पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को भूमि से जुड़ी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाना होगा। प्रशासन नियमित प्रगति रिपोर्ट के जरिए इन परियोजनाओं की स्थिति पर नजर रखेगा।
बैठक में अपर समाहर्ता, वरीय उप समाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी, रितेश यादव, संबंधित शहरी स्थानीय निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और अंचल अधिकारी मौजूद रहे।