समुद्री सुरक्षा से यूपीआई तक, भारत-इंडोनेशिया के बीच कई बड़े समझौते, व्यापार और रक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, यूपीआई, डिजिटल भुगतान, व्यापार और निवेश समेत कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Jul 7, 2026 • 10:46 PM | New Delhi
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समुद्री सुरक्षा से यूपीआई तक, भारत-इंडोनेशिया के बीच कई बड़े समझौते, व्यापार और रक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, यूपीआई, डिजिटल भुगतान, व्यापार और निवेश समेत कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
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07 July 2026
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समुद्री सुरक्षा से यूपीआई तक, भारत-इंडोनेशिया के बीच कई बड़े समझौते, व्यापार और रक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार
भारत और इंडोनेशिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की मौजूदगी में दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, महत्वपूर्ण खनिज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
इन समझौतों का उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग बढ़ाना ही नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करना है। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और इंडोनेशिया समुद्री पड़ोसी होने के साथ-साथ भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार भी हैं।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई गति
बैठक के दौरान दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई। ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली और एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग को आगे बढ़ाने का स्वागत किया गया।
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इसके अलावा दोनों देशों ने संयुक्त रक्षा उत्पादन, तकनीक हस्तांतरण, रक्षा अनुसंधान, जहाज निर्माण, रक्षा उपकरणों की आपूर्ति, रखरखाव (MRO) और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया।
समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA), तटीय निगरानी, खोज एवं बचाव (SAR), प्रदूषण नियंत्रण, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) और समुद्री संपर्क को मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया का समुद्री सहयोग पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करेगा।
भारत और इंडोनेशिया ने समुद्री सुरक्षा सहयोग संबंधी एमओयू के नवीनीकरण और इंडोनेशिया की समुद्री सुरक्षा एजेंसी बाकामला तथा भारतीय तटरक्षक बल के बीच सहयोग को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
व्यापार और निवेश को मिलेगा नया विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो ने भारत के 'विकसित भारत 2047' और इंडोनेशिया के 'इंडोनेशिया एमास 2045' विजन के बीच आर्थिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की।
दोनों देशों ने ASEAN-India Trade in Goods Agreement (AITIGA) की समीक्षा जल्द पूरी करने पर जोर दिया ताकि व्यापार को और अधिक संतुलित तथा आसान बनाया जा सके।
इसके अलावा दोनों पक्षों ने वर्ष 2026 में—
वर्किंग ग्रुप ऑन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट (WGTI)
बाइएनियल ट्रेड मिनिस्टर्स फोरम (BTMF)
जॉइंट इकोनॉमिक एंड फाइनेंशियल डायलॉग (EFD)
की बैठकें आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की।
यूपीआई और डिजिटल भुगतान को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में डिजिटल अर्थव्यवस्था भी प्रमुख एजेंडा रही।
दोनों नेताओं ने भारत और इंडोनेशिया के बीच क्रॉस-बॉर्डर QR पेमेंट सिस्टम लागू करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया।
इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बैंक इंडोनेशिया के बीच स्थानीय मुद्रा (Local Currency Transaction) में व्यापार को बढ़ावा देने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
इससे दोनों देशों के कारोबारियों को डॉलर पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
ONDC मॉडल को इंडोनेशिया में अपनाया जाएगा
भारत के सफल Open Network for Digital Commerce (ONDC) मॉडल को इंडोनेशिया में लागू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
इंडोनेशिया में Indonesia Open Network (ION) शुरू किया जाएगा, जिससे वहां के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) डिजिटल अर्थव्यवस्था से अधिक जुड़ सकेंगे।
महत्वपूर्ण खनिजों पर भी बनी सहमति
दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सुरक्षित सप्लाई चेन विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
खनिज और स्टील सप्लाई चेन तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर भी सहयोग
भारत और इंडोनेशिया ने स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल विकास और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों देशों ने चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और स्वास्थ्य संबंधी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
कनेक्टिविटी और बंदरगाह विकास पर जोर
दोनों नेताओं ने समुद्री और हवाई संपर्क बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने सबांग बंदरगाह के एकीकृत विकास में भारत की रुचि का स्वागत किया। माना जा रहा है कि इससे हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये समझौते?
भारत और इंडोनेशिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं हैं। ऐसे समय में जब वैश्विक सप्लाई चेन, समुद्री सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है, दोनों देशों के बीच हुए ये समझौते रक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल भुगतान और क्षेत्रीय रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने वाले साबित हो सकते हैं।