इंडिगो में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन: सीईओ पीटर एल्बर्स का इस्तीफा; राहुल भाटिया फिर संभालेंगे कमान
नई दिल्ली : मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडिगो को संचालित करने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के अनुसार, यह फैसला पिछले साल दिसंबर में आए एयरलाइन के सबसे बड़े फ्लाइट संकट के कुछ महीनों बाद लिया गया है।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि इंटरग्लोब एविएशन के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया फिलहाल अंतरिम तौर पर एयरलाइन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि पीटर एल्बर्स तत्काल प्रभाव से इंडिगो के सीईओ पद से हट रहे हैं। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने संगठन में उनके योगदान और सेवाओं के लिए उनका धन्यवाद किया और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कंपनी ने यह भी बताया कि राहुल भाटिया तब तक एयरलाइन के कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे, जब तक कंपनी नए नेतृत्व की घोषणा नहीं कर देती। उम्मीद है कि जल्द ही नए सीईओ का ऐलान किया जाएगा।
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बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि राहुल भाटिया का दोबारा प्रबंधन संभालना कंपनी की कार्य संस्कृति को मजबूत करने, संचालन में उत्कृष्टता बनाए रखने और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
राहुल भाटिया ने कहा कि उन्होंने 22 साल पहले इंडिगो की स्थापना की थी और इसे आगे बढ़ाया है, इसलिए एयरलाइन, देश, ग्राहकों, कर्मचारियों और निवेशकों के प्रति उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
करीब तीन साल पहले इंडिगो के सीईओ बने पीटर एल्बर्स के कार्यकाल में एयरलाइन ने तेजी से विस्तार किया। उनके नेतृत्व में कंपनी की आमदनी 10 अरब डॉलर से अधिक हो गई और एयरलाइन का फ्लीट बढ़कर 440 से ज्यादा विमानों तक पहुंच गया।
इसी दौरान इंडिगो ने एयरबस के साथ ए320 फैमिली के 500 विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर भी दिया, जिसे विमानन इतिहास के सबसे बड़े ऑर्डर में से एक माना जाता है।
हालांकि इन उपलब्धियों के बावजूद, दिसंबर 2025 में आए बड़े परिचालन संकट ने उनके कार्यकाल को प्रभावित किया। यह संकट तब पैदा हुआ, जब एयरलाइन को पायलटों की थकान रोकने के लिए बनाए गए नए नियमों को लागू करने में दिक्कतें आईं।
3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि करीब 1,900 उड़ानों में देरी हुई। इससे देश भर में 3 लाख से ज्यादा यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।