असम में सियासी भूचाल: पवन खेड़ा के 'तीन पासपोर्ट' वाले आरोप पर भड़के सीएम हिमंता, मानहानि केस की दी चेतावनी
असम विधानसभा चुनाव के शोर के बीच कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग अब निजी हमलों और कानूनी नोटिस तक पहुँच गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है।
गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव के शोर के बीच कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग अब निजी हमलों और कानूनी नोटिस तक पहुँच गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। खेड़ा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास एक या दो नहीं, बल्कि तीन सक्रिय (Living) पासपोर्ट हैं।
रविवार को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पवन खेड़ा ने कुछ दस्तावेज पेश किए, जिन्हें उन्होंने विदेशी सूत्रों से प्राप्त 'सनसनीखेज' कागजात बताया। इन आरोपों के सार्वजनिक होने के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया के जरिए कड़ा पलटवार किया है।
पवन खेड़ा का बड़ा दावा: "स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा खुलासा"
पवन खेड़ा ने प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि यह स्वतंत्र भारत की राजनीति में किसी मौजूदा मुख्यमंत्री के परिवार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं और तीनों ही वैध हैं।
खेड़ा ने सवाल उठाते हुए पूछा, "एक सामान्य नागरिक को तीन पासपोर्ट रखने की क्या जरूरत है? क्या आप कोई अपराधी हैं जो पहचान छिपाना चाहती हैं? कहीं खुद मुख्यमंत्री के पास भी तो ऐसे ही अतिरिक्त पासपोर्ट नहीं हैं?" कांग्रेस नेता ने इन दस्तावेजों को सीधे तौर पर भारत के बाहर की गतिविधियों से जुड़ा हुआ बताया।
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Follow News Tv India on WhatsAppहिमंता बिस्वा सरमा का पलटवार: "48 घंटे में दर्ज होगा मानहानि का केस"
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को कांग्रेस की 'हताशा और घबराहट' का नतीजा बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए पवन खेड़ा के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की जनता भाजपा को ऐतिहासिक जनादेश देने जा रही है, जिससे घबराकर कांग्रेस निराधार और मनगढ़ंत आरोप लगा रही है।
हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए लिखा, "मैं और मेरी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर श्री पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी (Criminal and Civil) मानहानि के मामले दर्ज करेंगे। उनके लापरवाह और मानहानिकारक बयानों के लिए उन्हें पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाएगा।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सच जल्द ही सबके सामने होगा।
चुनावी माहौल में गरमाया मुद्दा
असम में मतदान के चरणों से ठीक पहले आए इस मोड़ ने चुनावी विमर्श को बदल दिया है। जहां कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार और 'गोपनीयता के उल्लंघन' का मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा इसे असम की अस्मिता और मुख्यमंत्री के परिवार को बदनाम करने की साजिश बता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह मामला अदालत तक पहुँचता है, तो चुनाव के बीच में दोनों पार्टियों के लिए साख की लड़ाई और भी पेचीदा हो जाएगी। फिलहाल, सबकी नजरें अगले 48 घंटों पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री की ओर से कानूनी कार्रवाई की दिशा क्या रहती है।