बजट 2026: बुनियादी ढांचे के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का 'महा-बजट'; निर्मला सीतारमण ने बताया तीन 'कर्तव्यों' का मंत्र!
विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए कैपेक्स में भारी बढ़ोतरी। रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना और 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग पर जोर। जानें आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर इसका असर।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Feb 1, 2026 • 1:11 PM
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बजट 2026: बुनियादी ढांचे के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का 'महा-बजट'; निर्मला सीतारमण ने बताया तीन 'कर्तव्यों' का मंत्र!
विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए कैपेक्स में भारी बढ़ोतरी। रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना और 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग पर जोर। जानें आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर इसका असर।
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बजट 2026: बुनियादी ढांचे के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का 'महा-बजट'; निर्मला सीतारमण ने बताया तीन 'कर्तव्यों' का मंत्र!
नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए करने का ऐलान किया है। इसके जरिए सरकार की कोशिश बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर फोकस कर देश में विकास दर और रोजगार को बढ़ाना है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास को गति देने के लिए बजट में राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली परियोजनाओं सहित इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त प्रोत्साहन देने, 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और तेजी से लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सृजित करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर देते हुए राजकोषीय विवेक और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखी है, और आगे कहा कि भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ना चाहिए, अधिक निर्यात करना चाहिए और विदेशी निवेश को भी आकर्षित करना चाहिए।
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इसके अतिरिक्त, वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बजट का आधार को तीन 'कर्तव्यों'को बताया, जिनसे न सिर्फ अर्थव्यवस्था को तेजी मिलेगी, बल्कि गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों को भी ताकत मिलेगी।
सीतारमण ने कहा कि सरकार के 'संकल्प' को पूरा करने के लिए और यह देखते हुए कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, हम तीन कर्तव्यों से प्रेरित हैं।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा कि पहला कर्तव्य प्रोडक्टिविटी और कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाकर और अस्थिर ग्लोबल डायनामिक्स के प्रति लचीलापन बनाकर आर्थिक विकास को तेज करना और बनाए रखना है। हमारा दूसरा कर्तव्य हमारे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना है, जिससे वे भारत की समृद्धि की राह में मजबूत भागीदार बनें।
उन्होंने आगे कहा कि हमारा तीसरा कर्तव्य, जो 'सबका साथ-सबका विकास' के हमारे विजन के साथ जुड़ा हुआ है, यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और सेक्टर को संसाधनों तक पहुंच मिले।"
उन्होंने आगे कहा कि 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' अपनी राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है और अपने कर्तव्यों को पूरा करने में हमारी मदद करने के लिए अपनी गति बनाए रखेगी।