किडनी कैंसर के लक्षणों को इग्नोर करना हो सकता है खतरनाक , जानें लक्षण और इसका इलाज
वर्तमान समय में ज्यादातर लोग अपने ऊपर ध्यान नहीं दे पाते हैं और जाने अनजाने में Kidney Cancer का शिकार बन जाते हैं शुरू में इसे कंट्रोल करना आसान है लेकिन इसे इग्नोर करते रहने से यह विकराल रूप ले लेता है।
किडनी कैंसर के लक्षणों को इग्नोर करना हो सकता है खतरनाक , जानें लक्षण और इसका इलाज
किडनी कैंसर जिसे रीनल सेल कार्सिनोमा भी कहा जाता है एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है जो किडनी के ऊतकों में असामान्य कोशिकाओं के विकास के कारण होती है। यह बीमारी शुरुआती चरणों में अक्सर चुपके से बढ़ती है जिसके कारण इसका निदान देर से हो सकता है। इस आर्टिकल में Kidney Cancer के लक्षणों और इसके उपायों को डिटेल्स में आपको बताएंगे।
क्या है किडनी कैंसर
किडनी कैंसर तब होता है जब किडनी की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बनाती हैं। यह ट्यूमर नॉन-कैंसरस या घातक कैंसरस हो सकता है। यह बीमारी पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक देखी जाती है और आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इसका खतरा बढ़ता है।
• जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे आपको इस और भी ध्यान देना चाहिए अगर किसी भी तरह का कोई सिम्पटम्स दिखता है तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
क्या होंगे शुरुआती लक्षण
किडनी कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर अस्पष्ट होते हैं। कई बार मरीजों को कोई लक्षण महसूस नहीं होता और इसका पता डेली जांच के दौरान लगता है। इसके कुछ सामान्य संकेतों में पेशाब में खून , कमर या पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द और असामान्य रूप से थकान महसूस होना है।
READ MORE - क्या आप भी है चश्मे से परेशान , आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आज से खाने में शामिल करें ये चीजें
असामान्य वजन घटना और भूख में कमी
किडनी कैंसर के मरीजों में बिना किसी कारण के वजन कम होना और भूख में कमी आम लक्षण हैं। यह कैंसर के कारण शरीर में होने वाले मेटाबॉलिक बदलावों के कारण हो सकता है।
• अगर आपको बिना डाइटिंग या व्यायाम के तेजी से वजन कम हो रहा है तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है। आपको तुरंत इसके लिए सलाह लेनी चाहिए और अपना चेकअप करवाना चाहिए।
बुखार और रात में पसीना
कई मरीजों को रात में अत्यधिक पसीना और बिना किसी कारण के बार-बार बुखार आ सकता है। यह कैंसर के कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के असंतुलन के कारण होता है। ये लक्षण अन्य बीमारियों जैसे टीबी या इंफेक्शन से भी हो सकते हैं लेकिन इन्हें गंभीरता से लेना जरूरी है।
निदान के लिए न्यू टेक्नोलॉजी
किडनी कैंसर का निदान करने के लिए डॉक्टर कई जांचों का उपयोग करते हैं। इनमें अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, और बायोप्सी शामिल हैं।
• AI आधारित इमेजिंग तकनीकों ने ट्यूमर का शुरुआती पता लगाने में मदद की है। यदि लक्षण दिखें तो तुरंत एक नेफ्रोलॉजिस्ट या ऑन्कोलॉजिस्ट से संपर्क करें।
लाइफस्टाइल में करें बदलाव
किडनी कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। इसके लिए आपको धूम्रपान छोड़ना होगा क्योंकि यह किडनी कैंसर का एक प्रमुख जोखिम कारक है। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करें इसके साथ ही संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें।
मानसिक और भावनात्मक हेल्प
अगर किसी को Kidney Cancer है तो उस मरीज और उसके परिवार को काफी भावनात्मक मदद की जरूरत होती है क्योंकि उसे समय वह एक अलग ही तनाव से गुजर रहे होते हैं उस समय कोशिश करनी चाहिए कि उन का पूरा साथ दिया जाए।
READ MORE - क्या आप भी है अनिद्रा से परेशान जानें रात को ठीक से नींद न आने के कारण और उसके उपाय
अगर आपको Kidney Cancer से जुड़ी यह जानकारी अच्छी लगी है तो इस अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें इसके साथ ही अगर आपका कोई प्रश्न या सुझाव है तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं।