Fact Check: रूस की तेल रिफाइनरी पर हमले का वायरल सीसीटीवी वीडियो निकला फेक; AI टूल्स की मदद से बनाया गया भ्रम
यूक्रेन द्वारा रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने के दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो असली नहीं है। तकनीकी जांच और फॉरेंसिक एनालिसिस में पुष्टि हुई है कि यह वीडियो एआई (Artificial Intelligence) की मदद से तैयार किया गया है।
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"इंस्टाग्राम यूजर ‘poltical_apocalypse’ ने 24 मार्च 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “यूक्रेन का फिर हमला: शाम के हमलों में रूस की दो तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया। CCTV फुटेज में रूसी सीमा के काफी अंदर स्थित दो तेल रिफाइनरियों में जोरदार धमाके कैद हुए हैं।"
Claim Summary:यूक्रेन द्वारा रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने के दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो असली नहीं है। तकनीकी जांच और फॉरेंसिक एनालिसिस में पुष्टि हुई है कि यह वीडियो एआई (Artificial Intelligence) की मदद से तैयार किया गया है।
वायरल दावा और कूटनीतिक संदर्भ
24 मार्च 2026 को इंस्टाग्राम पर 'poltical_apocalypse' नामक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें चार अलग-अलग सीसीटीवी क्लिप्स का कोलाज है। इसमें रिफाइनरियों में भीषण आग और धमाके दिखाई दे रहे हैं। दावा किया गया कि यह यूक्रेन द्वारा रूसी सीमा के काफी अंदर किए गए रणनीतिक हमलों के वास्तविक फुटेज हैं, जिनका मकसद रूस की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना है। हालांकि, यूक्रेन ने वास्तव में 22 मार्च 2026 को फिनलैंड की सीमा के पास स्थित रूस के प्रिमोर्स्क तेल टर्मिनल और ऊफा शहर की रिफाइनरी पर ड्रोन हमले किए हैं, लेकिन वायरल हो रहा यह विशिष्ट वीडियो उन घटनाओं का नहीं है।

