एआई क्लाउड से सुरक्षित होगा भारत का डेटा; सेना ने पेश किया सुरक्षित चैटिंग और ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म

भारतीय सेना ने इंडिया एआई समिट में स्वदेशी ड्यूल-यूज तकनीकें पेश की हैं। इनमें आपदा चेतावनी, सुरक्षित क्लाउड और एआई एग्जाम सिस्टम शामिल हैं।

News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor
Feb 16, 2026 • 9:17 PM
N
News TV India
BREAKING
News Tv India हिंदी
News Tv India हिंदी
2 months ago
एआई क्लाउड से सुरक्षित होगा भारत का डेटा; सेना ने पेश किया सुरक्षित चैटिंग और ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म
; सेना ने पेश किया सुरक्षित चैटिंग और ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म
भारतीय सेना ने इंडिया एआई समिट में स्वदेशी ड्यूल-यूज तकनीकें पेश की हैं। इनमें आपदा चेतावनी, सुरक्षित क्लाउड और एआई एग्जाम सिस्टम शामिल हैं।
Full Story: https://www.newstvindia.in/india-s-data-to-be-protected-from-ai-cloud-army-introduces-secure-chatting-and-translation-platform
https://www.newstvindia.in/india-s-data-to-be-protected-from-ai-cloud-army-introduces-secure-chatting-and-translation-platform
Copied
एआई क्लाउड से सुरक्षित होगा भारत का डेटा; सेना ने पेश किया सुरक्षित चैटिंग और ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म
एआई क्लाउड से सुरक्षित होगा भारत का डेटा; सेना ने पेश किया सुरक्षित चैटिंग और ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म
एआई क्लाउड से सुरक्षित होगा भारत का डेटा; सेना ने पेश किया सुरक्षित चैटिंग और ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म - 1
Advertisement
Advertisement

नई दिल्ली : भारतीय सेना ने इंडिया एआई समिट में दिखाया कि अब वह सिर्फ हथियारों की ताकत पर नहीं, बल्कि डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी तेजी से आगे बढ़ रही है। सेना ने कई ऐसी स्वदेशी एआई तकनीकें पेश कीं, जिनका फायदा सिर्फ सेना को ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी मिल सकता है।

यही वजह है कि इन्हें ड्यूल-यूज तकनीक कहा जा रहा है, यानी एक ही तकनीक रक्षा और नागरिक दोनों कामों में उपयोगी है। सेना ने यहां एक ऐसा एआई एग्जाम सिस्टम प्रदर्शित किया, जो परीक्षा की कॉपी जांचने से लेकर नंबर देने और फीडबैक तैयार करने तक का काम खुद कर सकता है।

भारतीय सेना के मुताबिक, यह स्कूलों, कॉलेजों और ट्रेनिंग संस्थानों के लिए बहुत काम की चीज साबित हो सकती है। एक और खास सिस्टम यहां मौजूद है, जो किसी भी इलाके की रियल टाइम जानकारी एक जगह पर दिखा देता है। इससे ऑपरेशन की प्लानिंग और मॉनिटरिंग आसान हो जाती है। यही तकनीक आपदा के समय कंट्रोल रूम, स्मार्ट सिटी सिस्टम या इमरजेंसी रिस्पॉन्स में भी मदद कर सकती है।

Advertisement
Advertisement

bolt यह भी पढ़ें

flash_on
उदयपुर में जमीनी विवाद ने लिया खौफनाक रूप: छोटे भाई ने कुल्हाड़ी से सगे भाई को उतारा मौत के घाट
NEW
flash_on
जालोर: रामसीन टेम्पो चोरी कांड में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, सुमेरपुर से जुड़े तार
flash_on
अधीर रंजन चौधरी की संपत्ति और आपराधिक मामलों का खुलासा: चुनावी हलफनामे में सामने आई पूरी कुंडली
flash_on
'शानदार चार साल': मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्ड, नौकरियों और डिजिटल क्रांति पर दिया जोर
flash_on
मानवता और भाईचारे का संदेश: कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने हरिद्वार के लिए रवाना की 'दमड़ी यात्रा'
flash_on
यूपी पुलिस में बंपर भर्ती: योगी सरकार 81,000 से अधिक पदों पर करेगी नियुक्ति; कानून-व्यवस्था को 'हाइ-टेक' बनाने का मास्टरप्लान
flash_on
जेवर के विकास को मिलेगी नई रफ़्तार: विधायक धीरेंद्र सिंह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की मुलाकात; चोला स्टेशन को 'मल्टीमॉडल हब' बनाने का प्रस्ताव

सेना ने एक सुरक्षित एआई क्लाउड प्लेटफॉर्म भी पेश किया है। यहां इस प्लेटफॉर्म में चैट, डॉक्यूमेंट बनाना, अनुवाद करना, प्रेजेंटेशन तैयार करना जैसे काम एक ही सिस्टम से किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि इसमें डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और बाहर लीक होने का खतरा नहीं होता। यहां प्रदर्शित सबसे अहम तकनीकों में से एक है आपदा की पहले से चेतावनी देने वाला सिस्टम।

क्या आप WhatsApp पर न्यूज़ अपडेट पाना चाहते हैं?

WhatsApp पर ताज़ा और भरोसेमंद न्यूज़ अपडेट तुरंत पाएं। अभी जुड़ें और हर खबर सबसे पहले पढ़ें।

Follow News Tv India on WhatsApp

यह भूस्खलन, बाढ़ और हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं की तीन से सात दिन पहले तक सटीक जानकारी दे सकता है। इससे सीमावर्ती इलाकों में तैनात जवानों के साथ-साथ आम लोगों और प्रशासन को भी समय रहते तैयारी का मौका मिल सकता है।

भारतीय सेना के मुताबिक, चेहरा पहचानने वाली एआई तकनीक भी यहां दिखाई गई है। यह वह तकनीक है जो फोटो और वीडियो के जरिए तुरंत पहचान कर सकती है। इसका उपयोग सुरक्षा, एयरपोर्ट, लापता लोगों की तलाश और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किया जा सकता है। वहीं, यहां एक मोबाइल आधारित सिस्टम ऐसा है जो किसी भी घटना की लोकेशन, तस्वीर और समय की जानकारी तुरंत भेज देता है।

Advertisement
Advertisement

इससे आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तेज हो सकते हैं। ड्राइवर की थकान पकड़ने वाली मशीन भी यहां पेश की गई, जो गाड़ी चलाते समय झपकी आने पर तुरंत अलर्ट देती है। इससे सड़क हादसों को कम करने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा, सेना ने ऐसा पोर्टेबल एआई सिस्टम भी दिखाया, जो दूर-दराज या नेटवर्क से कटे इलाकों में भी काम कर सकता है। यह सीमावर्ती क्षेत्रों, आपदा प्रभावित इलाकों या ग्रामीण इलाकों के लिए बेहद उपयोगी है।

वाहनों की ट्रैकिंग से लेकर नकली यानी डीपफेक वीडियो पकड़ने वाली तकनीक और मोबाइल व वेबसाइट को साइबर हमलों से बचाने वाले एआई सिस्टम भी समिट में प्रदर्शित किए गए।

दरअसल, भारतीय सेना का फोकस साफ है: देश की सुरक्षा मजबूत करने के साथ-साथ ऐसी तकनीकें तैयार करना जो आम नागरिकों की सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में भी काम आएं। इंडिया एआई समिट में पेश की गई ये पहलें दिखाती हैं कि सेना अब तकनीकी रूप से एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।

News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026 Editor

News Tv India डेस्क प्रतिष्ठित पत्रकारों की पहचान है। इससे कई पत्रकार देश-दुनिया, खेल और मनोरंजन जगत की खबरें साझा करते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

LIVE TV

हमें फॉलो करें

Advertisement
Advertisement
Logo

Never miss what matters

Enable notifications to get exclusive updates and top news stories.

⚙️ Manage Notifications

You are currently receiving our latest breaking news and updates.

Manage Notifications