पंजाब के भविष्य के लिए 'मान' का रोडमैप: 1 मई से मिलेगा नहरी पानी, खेतों से गायब होंगी हाई-टेंशन तारें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपने पैतृक गांव सतौज से राज्य की कृषि और संसाधनों को बचाने के लिए एक नई और व्यापक रूपरेखा पेश की है। मुख्यमंत्री ने किसानों से भूजल पर निर्भरता घटाकर नहरी पानी की ओर मुड़ने का आह्वान करते हुए इसे केवल नीतिगत फैसला नहीं,
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
May 1, 2026 • 7:26 AM | Chandigarh
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पंजाब के भविष्य के लिए 'मान' का रोडमैप: 1 मई से मिलेगा नहरी पानी, खेतों से गायब होंगी हाई-टेंशन तारें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपने पैतृक गांव सतौज से राज्य की कृषि और संसाधनों को बचाने के लिए एक नई और व्यापक रूपरेखा पेश की है। मुख्यमंत्री ने किसानों से भूजल पर निर्भरता घटाकर नहरी पानी की ओर मुड़ने का आह्वान करते हुए इसे केवल नीतिगत फैसला नहीं,
“पंजाब के भविष्य के लिए 'मान' का रोडमैप: 1 मई से मिलेगा नहरी पानी, खेतों से गायब होंगी हाई-टेंशन तारें”
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पंजाब के भविष्य के लिए 'मान' का रोडमैप: 1 मई से मिलेगा नहरी पानी, खेतों से गायब होंगी हाई-टेंशन तारें
सतौज (संगरूर) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपने पैतृक गांव सतौज से राज्य की कृषि और संसाधनों को बचाने के लिए एक नई और व्यापक रूपरेखा पेश की है। मुख्यमंत्री ने किसानों से भूजल पर निर्भरता घटाकर नहरी पानी की ओर मुड़ने का आह्वान करते हुए इसे केवल नीतिगत फैसला नहीं, बल्कि पंजाब के अस्तित्व के लिए 'नैतिक जिम्मेदारी' करार दिया।
नहरी सिंचाई में ऐतिहासिक बदलाव: 1 मई से पानी की सप्लाई
मुख्यमंत्री ने धान के सीजन से पहले एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार 1 मई से ही नहरी पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम पारंपरिक सिंचाई चक्र को आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
सिंचाई नेटवर्क का आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री के अनुसार, सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नहरों और खालों में 21,000 क्यूसेक पानी पहले ही छोड़ा जा चुका है।
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मार्च 2026 से अब तक राज्य सरकार ने सिंचाई परियोजनाओं पर 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसके तहत लगभग 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई हैं। धान के मौजूदा सीजन तक 4,000 किलोमीटर अतिरिक्त खालों और 3,000 किलोमीटर पाइपलाइनों को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों की सुरक्षा: हाई-टेंशन तारों का होगा खात्मा
मुख्यमंत्री ने पंजाब के किसानों के हित में एक और ऐतिहासिक सुधार की घोषणा की। अब खेतों के ऊपर से गुजरने वाली खतरनाक हाई-टेंशन बिजली की तारों को भूमिगत (Underground) किया जाएगा।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुख्यमंत्री के पैतृक गांव सतौज से शुरू होगी। शुरुआती चरण में 2,000 एकड़ क्षेत्र में फैले लगभग 413 ट्यूबवेल और 1,100 बिजली के खंभों को इस योजना के तहत कवर किया जाएगा। इससे न केवल मानवीय जीवन का जोखिम खत्म होगा, बल्कि फसलों के नुकसान पर भी रोक लगेगी।
जल संरक्षण: "आज की एक बूंद, सुरक्षित भविष्य की नींव"
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि भूजल एक सीमित संसाधन है और इसका अत्यधिक दोहन आने वाली पीढ़ियों के लिए संकट पैदा कर सकता है।
नेचुरल रिचार्जिंग पर जोर
सरकार ने नहरी नेटवर्क के साथ हर 20 मीटर की दूरी पर 'रिचार्ज पॉइंट' स्थापित किए हैं। इसका उद्देश्य भूजल भंडारों की प्राकृतिक रूप से पुनःपूर्ति करना और गिरते जल स्तर को ऊपर उठाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब के पानी पर केवल यहाँ के किसानों का अधिकार है और इसे किसी अन्य राज्य या देश की ओर बहने नहीं दिया जाएगा।
धर्म और आस्था की रक्षा: बेअदबी पर सख्त कानून
विधायी मोर्चे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने “जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026” के पारित होने को एक ऐतिहासिक कदम बताया।
दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि पवित्र ग्रंथों की बेअदबी करने वालों के खिलाफ अब उम्रकैद जैसी सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए कहा कि शांति और सद्भाव भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या बदलेगी पंजाब की तस्वीर?
भगवंत मान सरकार का यह दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से 'टिकाऊ खेती' और 'सामाजिक सुरक्षा' पर केंद्रित है। जहाँ एक ओर नहरी पानी के जरिए बिजली की बचत और भूजल संरक्षण का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे में सुधार के जरिए किसानों की दैनिक समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। 2026 के ये सुधार पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।