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भारत की जड़ी-बूटियों का अमेरिका में बजेगा डंका, बिहार के किसान होंगे मालामाल, किसानों को प्रशिक्षण देंगे कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और एक्सपर्ट
भारत की आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को पूरी दुनिया में विशेष मान्यता प्राप्त है। लगभग पाँच हजार वर्षों पुरानी इस परंपरा की जड़ें भारत के हर राज्य में फैली हुई हैं, जहाँ हजारों प्रकार की Medicinal Herbs, यानि औषधीय पौधों की खेती होती है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Apr 8, 2025 • 12:32 PM
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भारत की जड़ी-बूटियों का अमेरिका में बजेगा डंका, बिहार के किसान होंगे मालामाल, किसानों को प्रशिक्षण देंगे कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और एक्सपर्ट
भारत की आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को पूरी दुनिया में विशेष मान्यता प्राप्त है। लगभग पाँच हजार वर्षों पुरानी इस परंपरा की जड़ें भारत के हर राज्य में फैली हुई हैं, जहाँ हजारों प्रकार की Medicinal Herbs, यानि औषधीय पौधों की खेती होती है।
Full Story: https://www.newstvindia.in/india-s-herbs-will-be-harvested-in-the-us-bihar-s-farmers-will-be-rich-farmers-will-be-trained-by-agricultural-experts
भारत की जड़ी-बूटियों का अमेरिका में बजेगा डंका, बिहार के किसान होंगे मालामाल, किसानों को प्रशिक्षण देंगे कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और एक्सपर्ट
कैमूर , देवव्रत तिवारी :भारत की आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को पूरी दुनिया में विशेष मान्यता प्राप्त है। लगभग पाँच हजार वर्षों पुरानी इस परंपरा की जड़ें भारत के हर राज्य में फैली हुई हैं, जहाँ हजारों प्रकार की Medicinal Herbs, यानि औषधीय पौधों की खेती होती है। अब यही जड़ी-बूटियाँ बिहार के किसानों की किस्मत बदलने जा रही हैं।
अमेरिका की कम्पनी ‘Veda Form’ का बड़ा कदम
न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी कम्पनी Veda Form, जो “Veda Warrior” ब्रांड नाम से जड़ी-बूटियों की दवाइयाँ बनाती है, अब भारत के बिहार राज्य में अपने प्रोजेक्ट Veda Gun Vatika की शुरुआत कर चुकी है। यह प्रोजेक्ट बिहार के रोहतास जिले के भीम करूप गाँव में शुरू हुआ है, जहाँ अब सफेद मूसली, पिपरमिंट समेत छह प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटियों की खेती की जाएगी।
इस परियोजना की अगुआई कर रही हैं स्मृता मेघमाला चौबे, जो अमेरिका से अपने पुश्तैनी गाँव वापस लौटी हैं। वे बताती हैं कि पारंपरिक खेती की तुलना में जड़ी-बूटियों की खेती में लागत कम और मुनाफा अधिक है। Organic Farming, Herbal Medicine, और Export Opportunity जैसे कीवर्ड अब बिहार के किसानों के भविष्य को परिभाषित कर रहे हैं।
भीम करूप गाँव में इस पहल के चलते एक नई ऊर्जा देखी जा रही है। स्मृता के पिता अशोक चौबे भी इस प्रयास में उनका साथ दे रहे हैं। वे बिहार सरकार से Cannabis Farming जैसे विकल्पों पर दोबारा विचार करने की अपील कर रहे हैं, जैसा कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पहले से होता आ रहा है।
गाँव के वरिष्ठ किसान संत बिलास सिंह का कहना है, “मेरे गाँव में जब अमेरिकी कम्पनी खेती करेगी तो यहाँ के किसानों की आमदनी लाखों में पहुँचेगी। बेरोजगार युवाओं को नौकरी भी मिलेगी।”
विश्वविद्यालयों से मिलेगा किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण
सिर्फ खेती तक ही सीमित न रहकर, इस पहल में बिहार के कृषि विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञों की मदद से किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इन प्रोफेसरों और एक्सपर्ट्स की मदद से किसान आधुनिक तकनीकों, भूमि परीक्षण, और फसल प्रबंधन के गुर सीख सकेंगे। इससे उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ-साथ गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
Green Revolution के बाद अब भारत में Herbal Revolution की तैयारी है। अमेरिका की कम्पनी की भागीदारी, स्मृता मेघमाला चौबे का समर्पण, और किसानों की मेहनत मिलकर बिहार के इस गाँव को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर लाने की ओर अग्रसर हैं। अब देखने वाली बात होगी कि यह मॉडल पूरे बिहार और फिर देश के अन्य हिस्सों तक कैसे पहुँचता है।
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