क्या आप जानते है ब्राउन शुगर और व्हाइट शुगर के बीच का फर्क जानें इनके न्यूट्रिशन
Brown sugar and white sugar दोनों ही दिखने में काफी अलग होते है। इनके बनाने का प्रोसेस भी काफी अलग होता है इसके बाद भी इन दोनों की कैलोरी में ज्यादा फर्क देखने को नहीं मिलता है।
क्या आप जानते है ब्राउन शुगर और व्हाइट शुगर के बीच का फर्क जानें इनके न्यूट्रिशन
ब्राउन शुगर और व्हाइट शुगर दोनों ही चीनी के तौर पर काफी फेमस है। इनके प्रोडक्टिविटी और गुणों में काफी फर्क होता है। इस में व्हाइट शुगर को गन्ने या चुकंदर से शुद्ध करके बनाया जाता है जबकि ब्राउन शुगर में गुड़ मिला होता है जो इसे भूरा रंग और नमी देती है। इस आर्टिकल में इस की सभी जानकारी डिटेल्स में देंगे।
कैसे बनती है व्हाइट शुगर
व्हाइट शुगर को बनाने की प्रोसेस में गन्ने के रस को पहले उबाला जाता है फिर अशुद्धियों को हटाने के लिए केमिकल्स जैसे सल्फर का यूज होता है।
• इससे यह पूरी तरह सफेद और क्रिस्टलीय हो जाती है। यह पूरी प्रोसेस चीनी को क्लियर बनाती है लेकिन इसके साथ ही इसके सभी नेचुरल एलिमेंट खत्म हो जाते है और यह सिर्फ मिठास दे पाती है।
कैसे बनती है ब्राउन शुगर
ब्राउन शुगर की बात करें तो यह व्हाइट शुगर में गुड़ मिलाकर बनाई जाती है जो नेचुरल चिपचिपाहट और कारमेल जैसा टेस्ट देता है। इस का कलर व्हाइट शुगर से थोड़ा अलग होता है।
• यह भी दो टाइप्स की होती है जिस में लाइट ब्राउन और डार्क ब्राउन शामिल होते हैं। यह नमी वाली बनावट की वजह से बेकिंग में अच्छे से काम आती है।
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कैलोरी की तुलना
अगर इन दोनों में कैलोरी की बात की जाए तो इनकी कैलोरी लगभग बराबर होती है इस में एक चम्मच व्हाइट शुगर में 16 कैलोरी और ब्राउन में 15 कैलोरी होती हैं। वहीं ब्राउन शुगर में थोड़ा कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है लेकिन मात्रा इतनी कम कि कोई बड़ा फायदा नहीं होता है।
• कैलोरी के मामले में दोनों करीब-करीब एक जैसे हैं इसलिए वजन बढ़ाने का खतरा दोनों से ही बराबर होता है।
ग्लाइसेमिक इंडेक्स का इफेक्ट
व्हाइट शुगर और ब्राउन शुगर दोनों के ग्लाइसेमिक इंडेक्स की बात ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है यानी यह दोनों ही ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाते हैं।
• डायबिटीज वाले लोगों के लिए दोनों खतरनाक होते है क्योंकि इंसुलिन स्पाइक का खतरा दोनों में ही बराबर होता है। ब्राउन शुगर गुड की वजह से थोड़ी स्लो एनर्जी दे सकती है।
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ब्राउन शुगर के बेनिफिट्स
ब्राउन शुगर में गुड़ के कारण एंटीऑक्सीडेंट्स थोड़े होते हैं जो फ्री रेडिकल्स से लड़ सकते हैं। यह पाचन सुधारने और मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने में भी हल्का फायदा देते है लेकिन बहुत कम क्वांटिटी में देते है।
• यह वजन कंट्रोल में हेल्पफुल मानी जाती है पर सिर्फ तभी जब इस का कम यूज करें। ब्राउन शुगर का कारमेल फ्लेवर कुकीज, सॉस और मांसाहारी फूड के लिए परफेक्ट होता है।
व्हाइट शुगर के बेनिफिट्स
व्हाइट शुगर का कोई खास हेल्थ बेनिफिट लाभ नहीं होता है बस यह उसी टाइम एनर्जी देती है। यह सिर्फ मिठास देने का काम करती है।
• जो चाय या मिठाई में अच्छी लगती है। इसे ज्यादा लेने से वजन, डायबिटीज और हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ता है। व्हाइट शुगर क्लियर और तेज मीठी होती है जो ड्रिंक्स और सॉफ्ट डेजर्ट में बेस्ट रहती है।
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