'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में दिखेगा भारतीय गेमिंग स्टार्टअप्स का दम, 5 स्टार्टअप पेश करेंगे एआई आधारित गेमिंग नवाचार

Feb 17, 2026 - 07:43
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में दिखेगा भारतीय गेमिंग स्टार्टअप्स का दम, 5 स्टार्टअप पेश करेंगे एआई आधारित गेमिंग नवाचार
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में दिखेगा भारतीय गेमिंग स्टार्टअप्स का दम, 5 स्टार्टअप पेश करेंगे एआई आधारित गेमिंग नवाचार

नई दिल्ली : 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के गेमिंग और इंटरैक्टिव टेक्नोलॉजी वर्ग में पांच भारतीय स्टार्टअप अपने एआई आधारित समाधान पेश करेंगे।

सरकार के अनुसार, ये स्टार्टअप दिखाएंगे कि एआई, गेमिंग, इमर्सिव मीडिया और एंटरप्राइज बदलाव के क्षेत्र में भारत की भूमिका तेजी से मजबूत हो रही है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन स्टार्टअप्स की भागीदारी एआई-आधारित गेमिंग, इमर्सिव अनुभव, कॉग्निटिव ट्रांसफॉर्मेशन और इंटरैक्टिव स्टोरीटेलिंग में भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, एक स्टार्टअप ऐसा एआई प्लेटफॉर्म पेश करेगा जो गेम के लिए कैरेक्टर डिजाइन, बैकग्राउंड, यूआई एलिमेंट, स्टोरीबोर्ड और एनिमेशन जैसे तैयार गेम एसेट्स तेजी और सटीकता के साथ बना सकेगा। दूसरा स्टार्टअप 1.8 करोड़ से अधिक वैश्विक यूजर्स वाला मल्टीप्लेयर क्रिकेट गेम और जेनरेटिव एआई आधारित रियल-टाइम कमेंट्री इंजन प्रदर्शित करेगा। तीसरा स्टार्टअप एक ऐसा मोबाइल हैंडहेल्ड गेमिंग सिस्टम दिखाएगा, जो स्मार्टफोन को कंसोल-स्तर के गेमिंग डिवाइस में बदलने के लिए डिजाइन किया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि इन स्टार्टअप्स की मौजूदगी देश के उस बड़े लक्ष्य को दिखाती है, जिसके तहत भारत एआई-आधारित वैश्विक स्तर के प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहता है और अगली पीढ़ी की डिजिटल नवाचार में अग्रणी बनना चाहता है।

समिट के दौरान एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित होगी, जिसमें वैश्विक निवेशक और उद्योग विशेषज्ञ भारत में एआई-आधारित गेम डेवलपमेंट और इंटरैक्टिव मीडिया में बढ़ते निवेश और अवसरों पर चर्चा करेंगे। इस सत्र में निवेश के नए रुझान, एआई से जुड़ी उत्पादन प्रक्रियाएं, कौशल विकास और जरूरी नीतियों पर विचार किया जाएगा।

यह समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित एक प्रमुख वैश्विक सम्मेलन है, जिसमें सरकारें, तकनीकी कंपनियां, स्टार्टअप, निवेशक, शोधकर्ता और नीति निर्माता शामिल होंगे। कार्यक्रम में 13 देशों के पवेलियन भी लगाए जाएंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान सहित अफ्रीकी देशों की भागीदारी शामिल है।

नीति निर्माताओं ने यह भी कहा कि एआई आधारित समृद्धि की दिशा में पहला कदम शिक्षा और बुनियादी कौशल सुधार से शुरू होना चाहिए।

Agency (This is an unedited and auto-generated story from Syndicated News feed, News Tv India Staff may not have modified or edited the content body)