तरनतारन: मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाओं का खेल, ₹5.75 लाख की प्रतिबंधित दवाएं ज़ब्त

तरनतारन के गांव कलसियां कलां में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की बड़ी कार्रवाई। हीरा मेडिकल स्टोर से 5.75 लाख की नशीली दवाएं बरामद। पढ़ें पूरी खबर।

Feb 11, 2026 - 14:45
तरनतारन: मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाओं का खेल, ₹5.75 लाख की प्रतिबंधित दवाएं ज़ब्त
तरनतारन: मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाओं का खेल, ₹5.75 लाख की प्रतिबंधित दवाएं ज़ब्त

पंजाब के तरनतारन जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सेहत विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गांव कलसियां कलां में एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर 5 लाख 75 हजार 850 रुपये की प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की हैं। बरामदगी के बाद संबंधित मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी, अमृतसर कुलविंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सेहत विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग को शिकायत प्राप्त हुई थी कि तरनतारन जिले के गांव कलसियां कलां में स्थित एक मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध बिक्री की जा रही है।

शिकायत के आधार पर सोमवार दोपहर थाना भिखीविंड के प्रभारी इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह तथा ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर अमृतसर-5 गुरदीप सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने गांव में स्थित हीरा मेडिकल स्टोर पर अचानक रेड की। कार्रवाई के दौरान टीम ने स्टोर से टैपेंटाडोल की 3,300 टैबलेट और प्रेगाबालिन (Pregabalin) के 13,200 कैप्सूल बरामद किए। इन दवाओं की बाजार कीमत 5,75,850 रुपये आंकी गई है।

जांच के दौरान दुकान में मौजूद मालिक से संबंधित दवाओं के स्टॉक और बिक्री का रिकॉर्ड मांगा गया, लेकिन वह मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। नियमों के उल्लंघन और रिकॉर्ड न होने के कारण टीम ने मौके पर ही बरामद दवाओं को कब्जे में ले लिया और मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।

जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी कुलविंदर सिंह ने बताया कि टैपेंटाडोल और प्रेगाबालिन जैसी दवाओं का दुरुपयोग नशे के रूप में भी किया जाता है, जिसके चलते इनकी अवैध बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में नशे की रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिले के डिप्टी कमिश्नर को भेज दी गई है। संबंधित अधिकारियों के निर्देशानुसार मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। पुलिस ने भी अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से प्रतिबंधित दवाइयों का कारोबार करने वालों पर कड़ी नजर रखने की बात कही है।

प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इस प्रकार की औचक जांच जारी रहेगी और नशे के अवैध नेटवर्क को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी स्थान पर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री की जानकारी हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

यह कार्रवाई राज्य में नशे के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और दवा आपूर्ति प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

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