Rajasthan Energy Drink Ban: Red Bull-Sting समेत इन ड्रिंक्स पर शिकंजा, बिक्री-स्टोरेज पर कार्रवाई; जानें पूरा मामला
Rajasthan Energy Drink Ban: राजस्थान में Red Bull, Sting और Monster समेत कई ब्रांडों के भ्रामक दावों पर कार्रवाई तेज हुई है। जयपुर में 53 हजार से ज्यादा बोतलें जब्त की गईं।
Minaxi Rathore Verified Public Figure • 11 Jul, 2026Journalist
Jul 12, 2026 • 7:53 AM | जयपुर Last Edited By:News Tv India हिंदी
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Minaxi Rathore
2 hours ago
Rajasthan Energy Drink Ban: Red Bull-Sting समेत इन ड्रिंक्स पर शिकंजा, बिक्री-स्टोरेज पर कार्रवाई; जानें पूरा मामला
Rajasthan Energy Drink Ban: राजस्थान में Red Bull, Sting और Monster समेत कई ब्रांडों के भ्रामक दावों पर कार्रवाई तेज हुई है। जयपुर में 53 हजार से ज्यादा बोतलें जब्त की गईं।
राजस्थान में कथित तौर पर भ्रामक दावों के साथ बेचे जा रहे एनर्जी ड्रिंक्स के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। Red Bull, Sting और Monster समेत कई बड़े ब्रांड जांच के दायरे में हैं। कार्रवाई के दौरान जयपुर में हजारों बोतलें जब्त की गई हैं।
मामला केवल कैफीन या शुगर की मात्रा तक सीमित नहीं है। असली विवाद इन उत्पादों की लेबलिंग और प्रचार में इस्तेमाल किए जा रहे ‘Energy Drink’ तथा शरीर और दिमाग को ऊर्जा देने जैसे दावों को लेकर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI भी कई ब्रांडों को नोटिस जारी कर चुका है।
Rajasthan Energy Drink Ban: किन ब्रांडों पर कसा शिकंजा?
खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई में Red Bull Energy Drink, Sting Energy Drink, Monster Energy, Hell Energy, Campa Energy Drink-Gold Boost और Adrenaline Rush जैसे ब्रांडों के नाम सामने आए हैं।
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FSSAI ने इन ब्रांडों को कथित मिसब्रांडिंग और भ्रामक दावों को लेकर नोटिस जारी किया है। नियामक का सवाल मुख्य रूप से ‘Energy Drink’ शब्द और उत्पादों के प्रचार में किए जा रहे कार्यात्मक दावों पर है।
राजस्थान में भी इसी आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजार में मौजूद स्टॉक की जांच और जब्ती की कार्रवाई शुरू की।
राजस्थान सरकार के ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत जयपुर में बड़ी कार्रवाई की गई। रिपोर्ट के मुताबिक एक छापेमारी के दौरान Red Bull की 53,256 बोतलें जब्त की गईं।
अधिकारियों ने उत्पाद की लेबलिंग और उस पर लिखे दावों को जांच के दायरे में लिया। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी खाद्य या पेय उत्पाद के प्रभाव को लेकर भ्रामक जानकारी नहीं दी जा सकती।
FSSAI Energy Drink Notice में क्या है विवाद?
इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी ‘Energy Drink’ शब्द है। FSSAI की कार्रवाई कथित मिसब्रांडिंग और भ्रामक प्रचार से जुड़ी है।
जांच के दायरे में आए कुछ उत्पादों पर शरीर और दिमाग को सक्रिय या ऊर्जावान बनाने से जुड़े दावे किए गए हैं। नियामकीय कार्रवाई में यह देखा जा रहा है कि ऐसे दावों के लिए नियमों के अनुरूप पर्याप्त आधार मौजूद है या नहीं।
इसी कारण बाजार के साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की प्रस्तुति भी जांच के दायरे में आई है।
कैफीन वाले ड्रिंक्स को लेकर क्यों रहती है चिंता?
कैफीन एक उत्तेजक तत्व है। इसका प्रभाव व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और सेवन की मात्रा के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
ऐसे पेय पदार्थों को लेकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए विशेष चेतावनियां महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। किसी भी कैफीनयुक्त पेय का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ा सकता है।
हालांकि किसी विशेष ब्रांड को सीधे ‘घातक’ या बीमारी का कारण बताना वैज्ञानिक और नियामकीय निष्कर्ष के बिना उचित नहीं होगा। मौजूदा कार्रवाई मुख्य रूप से लेबलिंग, मिसब्रांडिंग और कथित भ्रामक दावों से जुड़ी है।
दुकानदारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी नजर
राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद दुकानदारों, वितरकों और स्टॉकिस्टों पर निगरानी बढ़ी है। अधिकारियों की टीमें बाजार में उपलब्ध उत्पादों की जांच कर रही हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इन उत्पादों को किस श्रेणी और किन प्रचार दावों के साथ दिखाया जा रहा है, यह भी नियामकीय जांच का अहम हिस्सा है।
आने वाले दिनों में कंपनियों के जवाब और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच के आधार पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।