फैटी लिवर को लेकर लोगों में है कई मिथ जाने इसके सिंप्टम्स और ट्रीटमेंट
Fatty Liver कई कारणों से हो सकता है आपको समय रहते इसका ट्रीटमेंट लेना चाहिए वरना यह प्रॉब्लम आगे जाकर और भी ज्यादा बढ़ सकती है। इसका शुरुआती इलाज जरूरी है।
फैटी लिवर को लेकर लोगों में है कई मिथ जाने इसके सिंप्टम्स और ट्रीटमेंट
फैटी लिवर इन दिनों होने वाली बहुत ही नॉर्मल प्रॉब्लम है जिसे लेकर युवा धीरे-धीरे जागरूक हो रहे है लेकिन उसके बाद भी युवाओं को इसे लेकर कई सारे मिथ है। यह एक नॉर्मल हेल्थ प्रॉब्लम है जिसमें लीवर में एक्स्ट्रा चर्बी जमा हो जाती है। इसे सही समय पर पहचानकर लाइफस्टाइल में चेंज करने से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
क्या है फैटी लिवर
फैटी लिवर जिसे मेडिकल भाषा में नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लीवर डिजीज भी कहते हैं यह वह स्थिति होती है जब लीवर की सेल्स में चर्बी का जमाव हो जाता है। यह अक्सर मोटापा, डायबिटीज या गलत खान-पान से जुड़ा होता है। शुरुआती स्टेज में ज्यादा पता नहीं चलता है लेकिन टाइम बढ़ने के साथ साथ यह प्रॉब्लम बढ़ती जाती है।
फैटी लिवर होने की वजह
फैटी लिवर कई वजह से हो सकता है जिस में गलत आहार, कम फिजिकल वर्क, ज्यादा वजन और इंसुलिन रेसिस्टेंस फैटी लिवर के खास कारण हैं।
• अगर आप शराब का ज्यादा सेवन करते है तो यह भी इसकी एक बड़ा वजह है हालांकि नॉन-एल्कोहोलिक प्रकार अन्य कारकों से होता है। अगर आप टाइप-2 डायबिटीज में आते है तो उन लोगों में यह रिस्क दोगुना हो जाता है।
जानें इसके सिंप्टम्स
फैटी लिवर के शुरुआती सिंप्टम्स आपको पता होने चाहिए ताकि आप इस लेकर जागरूक हो सकें। इस में थकान, कमजोरी और पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में हल्का दर्द शामिल है। कभी-कभी बिना वजह वजन घटने लग जाता है और कई बार भूख बिल्कुल नहीं लगती है।
• अगर यह प्रॉब्लम ज्यादा बढ़ जाती है तो इस में पेट फूलना, पैरों में सूजन, स्किन पर खुजली या आंखों स्किन का पीला पड़ना जैसे कई सिंप्टम्स नजर आते हैं। कई बार जी मिचलाना या बार-बार उल्टी भी हो सकती है। यह स्टेज लीवर सिरोसिस की ओर ले जा सकती है।
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क्या रहेगा ट्रीटमेंट
इसके ट्रीटमेंट में डॉक्टर अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट करता है और कई बार तो डॉक्टर फाइब्रोस्कैन से फैटी लिवर का पता लगाते हैं। लिवर बायोप्सी गंभीर मामलों में की जाती है।
• अगर आप सिंप्टम्स देखत ही डॉक्टर के पास जाते है तो शुरुआती जांच से बीमारी को आसानी से पकड़ा जा सकता है और टाइम रहते इसका इलाज किया जा सकता है।
लाइफस्टाइल पर दें ध्यान
अगर आप इस से बचना चाहते है तो आपको समय रहते अपनी लाइफस्टाइल का ध्यान रखना चाहिए। इस में वजन घटाना और हेल्दी लाइफस्टाइल शामिल हैं।
• आपको अपने लिए जरूर टाइम निकालना चाहिए। इस में रोज 30 मिनट व्यायाम जैसे वॉकिंग या योग से चर्बी कम होती है। वहीं संतुलित आहार में फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं और चीनी या तला-भुना कम खाएं।
कुछ चीज़ों से रखें परहेज
अगर आप इसे होने से रोकना चाहते हैं तो आपको कुछ चीजों से परहेज रखना चाहिए। इस में कई चीजें शामिल है जिस में शराब से परहेज, मीठे पेय कम करना और डेली एक्सरसाइज इसे रोकने के सरल तरीके हैं। आपको हर साल अपने बॉडी की जांच करानी चाहिए।
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