'वार्ड में दिखना चाहिए काम', एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पार्षदों को दी चेतावनी; स्वच्छता और विकास के लिए बनाया 5 साल का रोडमैप
बीएमसी चुनाव में जीत के बाद एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों के लिए 3 दिवसीय वर्कशॉप आयोजित की है। उन्होंने पार्षदों को भ्रष्टाचार से बचने, स्वच्छता को प्राथमिकता देने और चुनावी घोषणापत्र लागू करने के कड़े निर्देश दिए।
मुंबई : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई के बांद्रा स्थित ताज लैंड्स एंड होटल का दौरा किया और नवनिर्वाचित शिवसेना पार्षदों को बधाई दी। इसके बाद उन्होंने सभी 29 नवनिर्वाचित शिवसेना पार्षदों से बातचीत की।
बातचीत के दौरान उन्होंने पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में स्पष्ट बदलाव लाने की सलाह दी, ऐसे बदलाव जो जनता को नजर आएं। उन्होंने पार्षदों को शिवसेना की छवि धूमिल करने वाले किसी भी कार्य से बचने की चेतावनी दी।
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि वे अपने-अपने वार्डों में किए गए कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का प्रयास करें। उन्होंने पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और अपने वार्डों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर शिवसेना महासचिव राहुल शेवाले, शिवसेना सचिव संजय मोरे, शिवसेना प्रवक्ता श्रीमती शीतल म्हात्रे और शिवसेना प्रवक्ता राहुल लोंढे भी उपस्थित थे।
बता दें कि शिवसेना ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के लिए चुने गए 29 पार्षदों के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया है। इस शिविर में पार्टी के प्रमुख नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्षदों को बीएमसी के कामकाज, शहर की विकास योजना, चुनाव घोषणापत्र के कार्यान्वयन और अगले पांच वर्षों के लिए एक रोडमैप तैयार करने के बारे में मार्गदर्शन दिया।
इससे पहले शिवसेना के पार्षद अमे घोले ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया था कि कार्यशाला मुंबई के एक पांच सितारा होटल में चल रही है। अगले तीन दिनों में पार्टी के वरिष्ठ नेता भी स्थल पर पार्षदों को मार्गदर्शन देंगे।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पार्षदों को जनता द्वारा शिवसेना पर जताए गए विश्वास को सार्थक करने के लिए तुरंत काम शुरू करने का निर्देश दिया। घोले ने बताया कि इसी के अनुरूप, शिवसेना पार्षदों ने चुनाव परिणाम घोषित होने के ठीक अगले दिन मार्गदर्शन शिविर में भाग लिया।
पार्टी के वरिष्ठ नेता उन्हें बीएमसी की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देंगे और उनके संबंधित वार्डों में प्रभावी शासन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके अलावा, आगामी जिला परिषद चुनावों के लिए रणनीतियों और प्रचार योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।