ईरान-इजरायल युद्ध के बीच इस्फहान में फंसे भारतीय छात्र; 'यूनिवर्सिटी' से बाहर धमाकों की आवाज़ें, सरकार से गुहार
ईरान के इस्फहान में भारतीय छात्रों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। धमाकों के बीच फंसे छात्रों के पास राशन और इंटरनेट खत्म हो गया है।
News Tv India हिंदी Official | Verified Expert • 27 Mar, 2026Editor
Mar 2, 2026 • 6:40 PM
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ईरान-इजरायल युद्ध के बीच इस्फहान में फंसे भारतीय छात्र; 'यूनिवर्सिटी' से बाहर धमाकों की आवाज़ें, सरकार से गुहार
ईरान के इस्फहान में भारतीय छात्रों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। धमाकों के बीच फंसे छात्रों के पास राशन और इंटरनेट खत्म हो गया है।
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ईरान-इजरायल युद्ध के बीच इस्फहान में फंसे भारतीय छात्र; 'यूनिवर्सिटी' से बाहर धमाकों की आवाज़ें, सरकार से गुहार
इस्फहान : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के शहर इस्फहान में फंसे भारतीय छात्रों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है। छात्रों ने भारत सरकार से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए या स्वदेश वापस लाने की व्यवस्था की जाए।
इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज की छात्रा फातिमा ने वीडियो जारी कर बताया कि वर्तमान में लगभग 25 से 30 भारतीय छात्र इस क्षेत्र में मौजूद हैं और लगातार चिंता में जी रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम सरकार से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि हालात स्थिर होने तक हमें किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए या हमारे माता-पिता के पास भारत भेजा जाए।”
फातिमा ने स्पष्ट किया कि छात्र पहले इसलिए नहीं लौट सके, क्योंकि उनकी शैक्षणिक प्रतिबद्धताएं बाधा बनीं। उन्होंने बताया, “हम नहीं रुकना चाहते थे, लेकिन कक्षाओं, परीक्षाओं, अस्पताल की शिफ्टों और शैक्षणिक दौरों के कारण यहां रुकना अपरिहार्य था।”
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छात्रा के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को सूचित किया है कि अगला सेमेस्टर ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा, जिससे उन्हें ईरान में रहने या घर लौटने का विकल्प मिलेगा और वे अप्रैल में परीक्षा देने वापस आ सकते हैं, हालांकि अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए अस्पताल में प्रतिदिन ड्यूटी पर उपस्थित रहना अनिवार्य कर दिया गया है।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से उन्हें केवल छात्रावास में रहने और बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। उन्होंने दावा किया,“हम पर मौजूदा छात्रावास खाली कर दूसरे छात्रावास में जाने का दबाव डाला जा रहा है। दिन-रात हमसे कमरा खाली करने को कहा जा रहा है।”
फातिमा ने बताया कि कई छात्र इस समय परिसर से बाहर किराए के आवासों में रह रहे हैं और सीमित संसाधनों के सहारे गुजारा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,“दुकानें बंद हैं, ऑनलाइन ऑर्डर संभव नहीं है और हमें बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। हम जो भी सामान हमारे पास है, उसे आपस में बांटकर काम चला रहे हैं। इंटरनेट सेवाओं में बाधा के कारण भारत में अपने परिवारों से संपर्क करना भी कठिन हो गया है।"
छात्रा ने यह भी कहा कि हाल ही में उनके इलाके के पास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि सटीक स्थान स्पष्ट नहीं है, लेकिन घटना कैंपस के करीब होने की आशंका जताई जा रही है। फातिमा ने कहा,“हम छात्रावास में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। घर पर भी सुरक्षा का एहसास नहीं है। चारों ओर दहशत और अनिश्चितता का माहौल है।”
उन्होंने बताया कि भारत में उनके परिवारजन लगातार समाचारों के माध्यम से स्थिति पर नजर रख रहे हैं और बेहद चिंतित हैं। माता-पिता हमसे भी ज्यादा डरे हुए हैं।
छात्रों ने भारतीय अधिकारियों से शीघ्र हस्तक्षेप करने और सामान्य स्थिति बहाल होने तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।