वर्दी में दरिंदगी पर कोर्ट का कड़ा प्रहार: नशा तस्करी के केस में फंसाने की धमकी देकर दुष्कर्म करने वाले थानेदार को उम्रकैद
2021 के दुष्कर्म मामले में सीआईए के थानेदार गुरविंदर सिंह को जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। गैंगस्टरों की धमकियों के बावजूद पीड़िता ने जीती कानूनी जंग।
बठिंडा/पंजाब: कानून की रक्षा करने वाली वर्दी जब अपराध का जरिया बन जाए, तो अदालत का डंडा कैसे चलता है, इसकी एक बड़ी मिसाल बुधवार को देखने को मिली। जिला अदालत ने सीआईए (CIA) के पूर्व थानेदार गुरविंदर सिंह को 2021 के एक सनसनीखेज दुष्कर्म मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले ने न केवल पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है, बल्कि इसे महिला सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही के लिए एक ऐतिहासिक संदेश माना जा रहा है।
बेटे को फंसाने की धमकी देकर किया था दुष्कर्म मामला मई 2021 का है, जब थानेदार गुरविंदर सिंह ने नशा तस्करी के एक मामले में पीड़िता के बेटे को नामजद किया था। इसके बाद वह युवक की मां को डराने-धमकाने लगा और केस से नाम निकालने के बदले शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। मुख्य गवाह के अनुसार, 10 मई 2021 को आरोपी ने पहले अपनी गाड़ी में महिला के साथ ज्यादती की और अगले दिन रात को वह जबरन पीड़िता के घर में घुस गया।
गांव वालों ने रंगे हाथ दबोचा था पीड़िता के घर में जबरदस्ती करने के दौरान जब महिला ने शोर मचाया, तो परिजनों और ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपी थानेदार को मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद उसे थाना नथाना पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां उसके खिलाफ दुष्कर्म और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
गैंगस्टरों की धमकियां भी नहीं डिगा सकीं हौसला चार साल तक चले इस लंबे ट्रायल के दौरान पीड़िता और गवाहों को पीछे हटने के लिए गैंगस्टरों के जरिए जान से मारने की धमकियां दी गईं। गवाह ने बताया कि उन पर भारी दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने डरने के बजाय कानून की लड़ाई जारी रखी। अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए गुरविंदर सिंह को कड़ी सजा सुनाई, जिससे यह साफ हो गया कि कानून के हाथ अपराधी की वर्दी से कहीं ज्यादा लंबे हैं।