अमृतसर रैली में बोले सीएम नायब सिंह सैनी; "पंजाब भारत की आत्मा है, इसे नशे और असुरक्षा से बचाना जरूरी"
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर की पंजाब बचाओ रैली में कांग्रेस और आप सरकार पर हमला बोला। उन्होंने नशे, किसानों के कर्ज और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
अमृतसर: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर में आयोजित 'पंजाब बचाओ रैली' के दौरान पंजाब की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पंजाब को भारत की 'आत्मा' बताते हुए कहा कि जिस पवित्र धरती ने देश को बलिदान और मानवता का संदेश दिया, आज वहां 'पंजाब बचाओ' का नारा लगाना बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों पर तीखे हमले किए।
पंजाब की महान विरासत को नमन
मुख्यमंत्री सैनी ने रैली की शुरुआत पंजाब की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महानता का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा:
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सरबत दा भला: यह वह पावन भूमि है जहां श्री हरमंदिर साहिब से पूरी दुनिया को सबका भला चाहने का संदेश मिलता है।
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स्वतंत्रता संग्राम: जलियांवाला बाग की मिट्टी आज भी हमारे शहीदों के बलिदान की याद दिलाती है।
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अमर सपूत: पंजाब ने भारत माता को शहीद भगत सिंह, उधम सिंह और सुखदेव जैसे महान क्रांतिकारी दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इतनी गौरवशाली धरती का आज संकट में होना हर भारतीय के लिए चिंता का विषय है।
युवाओं और किसानों की स्थिति पर उठाए सवाल
नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार को घेरते हुए कुछ कड़े सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि आज पंजाब को आत्ममंथन करने की जरूरत है।
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नशे का अंधकार: क्या पंजाब का युवा एक सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ रहा है या उसे नशे और निराशा की ओर धकेला जा रहा है?
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किसानों का दर्द: क्या अन्नदाता किसान खुशहाल है या वह कर्ज और गलत नीतियों के बोझ तले दबा हुआ है?
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असुरक्षित व्यापार: क्या राज्य का व्यापारी निडर होकर काम कर पा रहा है या उसे फिरौती और सुरक्षा के डर में जीना पड़ रहा है?
कांग्रेस और 'आप' पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों को पंजाब की मौजूदा हालत के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दशकों तक कांग्रेस के शासन में फैले भ्रष्टाचार और कमजोर प्रशासन ने राज्य की नींव को खोखला कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
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कागजी कार्रवाई: नशे की समस्या गांव-गांव तक फैल गई, लेकिन सरकारों ने केवल कागजों पर कार्रवाई की।
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झूठे वादे: चुनाव के समय किसानों से कर्ज माफी और युवाओं से रोजगार के बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन जमीन पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा।
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कमजोर सुरक्षा: राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ने से व्यापारियों और आम जनता में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
"संकल्प को मजबूत करने का समय"
नायब सिंह सैनी ने रैली में मौजूद लोगों से अपील की कि पंजाब को फिर से खुशहाल और सुरक्षित बनाने के लिए एकजुट होने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की बेहतरी केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की अखंडता और विकास के लिए भी जरूरी है। मुख्यमंत्री का यह दौरा पंजाब की राजनीति में एक नए विमर्श की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।