गैंगस्टरों ते वार': पंजाब पुलिस का राज्यव्यापी एक्शन, 689 ठिकानों पर छापेमारी और 196 गिरफ्तार; डीजीपी गौरव यादव का बड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब पुलिस की 'गैंगस्टरों ते वार' मुहिम के तहत बड़ी कार्रवाई। 196 लोग गिरफ्तार और नशे के खिलाफ 110 तस्करों पर केस दर्ज।
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के 'गैंगस्टर मुक्त पंजाब' के सपने को साकार करने के लिए पंजाब पुलिस की निर्णायक मुहिम 'गैंगस्टरां ते वार' अपने पूरे शबाब पर है। बुधवार को इस अभियान के 29वें दिन पुलिस ने राज्य भर में गैंगस्टरों के सहयोगियों के 689 चिन्हित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस बड़े ऑपरेशन ने अपराधियों के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।
29 दिनों में लगभग 10 हजार गिरफ्तारियां
पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव द्वारा 20 जनवरी, 2026 को शुरू की गई इस जंग में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जिला पुलिस टीमों के बीच सटीक तालमेल दिख रहा है। बुधवार की कार्रवाई में पुलिस ने 196 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिससे इस मुहिम की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा 9,978 तक पहुंच गया है। ताज़ा छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक अवैध हथियार भी बरामद किया है और 9 भगोड़े अपराधियों (PO) को दबोचने में सफलता हासिल की है।
एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन: जनता से सहयोग की अपील
पंजाब पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपराध मुक्त समाज बनाने में पुलिस का साथ दें। वांछित अपराधियों या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी गुप्त रूप से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर साझा की जा सकती है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
'नशे के विरुद्ध युद्ध' भी जारी, 50 हजार से अधिक तस्कर सलाखों के पीछे
गैंगस्टरों के साथ-साथ पंजाब पुलिस नशे के सौदागरों पर भी कहर बनकर टूट रही है। 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' मुहिम के 354वें दिन पुलिस ने 110 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन, अफीम और नशीली गोलियां बरामद की गईं।
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कुल गिरफ्तारियां (354 दिन): 50,184 नशा तस्कर।
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ताजा बरामदगी: 1 किलो हेरोइन, 2.7 किलो अफीम और ड्रग मनी।
खाकी का मानवीय चेहरा: पुनर्वास की पहल
सख्ती के साथ-साथ पंजाब पुलिस सामाजिक सुधार की दिशा में भी काम कर रही है। बुधवार को पुलिस टीमों ने 36 व्यक्तियों को नशा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और पुनर्वास उपचार (Rehabilitation) शुरू करने के लिए राजी किया। यह पहल दर्शाती है कि पुलिस न केवल अपराध खत्म करना चाहती है, बल्कि अपराधियों और पीड़ितों के जीवन में सुधार लाने के लिए भी संकल्पित है।