पंजाब के सरकारी स्कूलों का कमाल: जेईई मेन्स में 305 विद्यार्थियों ने मारी बाजी, पिछले साल के मुकाबले 63% की भारी बढ़त

पंजाब में शिक्षा क्रांति का असर! जेईई मेन्स 2026 में सरकारी स्कूलों के 305 छात्र सफल, पिछले साल से 63% ज्यादा। जानें सफलता की प्रेरक कहानियां।

Feb 22, 2026 - 07:39
पंजाब के सरकारी स्कूलों का कमाल: जेईई मेन्स में 305 विद्यार्थियों ने मारी बाजी, पिछले साल के मुकाबले 63% की भारी बढ़त
पंजाब के सरकारी स्कूलों का कमाल: जेईई मेन्स में 305 विद्यार्थियों ने मारी बाजी, पिछले साल के मुकाबले 63% की भारी बढ़त

चंडीगढ़: पंजाब की सरकारी शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की 'शिक्षा क्रांति' के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी है कि इस साल सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने अपने पहले ही प्रयास में जेईई मेन्स (JEE Mains) 2026 की परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया है।

यह संख्या पिछले साल के 187 सफल उम्मीदवारों के मुकाबले 63 प्रतिशत अधिक है। मंत्री बैंस ने इसे पंजाब की शिक्षा प्रणाली के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया।

अभावों में भी चमके सरकारी स्कूलों के सितारे

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री ने उन होनहार बच्चों की सफलता की कहानियां साझा कीं, जिन्होंने गरीबी और सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी जीत हासिल की है।

  • भविष्या (अमृतसर): स्कूल ऑफ एमिनेंस के इस छात्र ने 98.18% अंक प्राप्त किए। भविष्या के पिता मोबाइल रिपेयरिंग का काम करते हैं और मां कपड़े सिलती हैं। परिवार की सालाना आय महज 1.5 लाख रुपये है।

  • हरमनदीप शर्मा (संगरूर): बिना किसी प्राइवेट ट्यूशन के सिर्फ स्कूल की पढ़ाई के दम पर हरमनदीप ने 98.75% अंक हासिल किए।

  • दिलखुश झा (बठिंडा): एक मजदूर के बेटे दिलखुश ने 95.09% अंक प्राप्त कर साबित कर दिया कि मेहनत के आगे गरीबी आड़े नहीं आती।

  • काजल और परदीप (SAS नगर): काजल, जिसके पिता सिक्योरिटी सुपरवाइजर हैं और परदीप, जिसके पिता वाटर कूलर फैक्ट्री में मजदूर हैं, दोनों ने 92% से अधिक अंक हासिल कर अपना सपना सच किया है।

लड़कियों ने भी गाड़े सफलता के झंडे

इस साल की उपलब्धि में एक खास बात यह रही कि 134 छात्राओं ने जेईई मेन्स की परीक्षा पास की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह इस बात का सबूत है कि सरकारी स्कूलों में लड़कियां अब विज्ञान और इंजीनियरिंग (STEM) के क्षेत्र में लड़कों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं।

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मुफ्त कोचिंग और 'पीस पोर्टल' का असर

हरजोत सिंह बैंस ने इस सफलता का श्रेय सरकार की विशेष पहलों को दिया:

  1. PACE कोचिंग पोर्टल: सरकारी स्कूलों के बच्चों को बिना किसी फीस के हाई-क्वालिटी कोचिंग दी जा रही है।

  2. मुफ्त आवासीय कैंप: छुट्टियों के दौरान बच्चों के रहने और पढ़ने के लिए विशेष कोचिंग कैंप लगाए गए।

  3. विशेषज्ञ फैकल्टी: अवंति फेलोज जैसे प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा बच्चों का मार्गदर्शन किया गया।

अब जेईई एडवांस के लिए विशेष ट्रेनिंग

शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि जो विद्यार्थी अगले चरण के लिए चुने गए हैं, उनके लिए सरकार तीन हफ्ते का विशेष आवासीय ट्रेनिंग कैंप लगाएगी। यहां उन्हें जेईई एडवांस की तैयारी के लिए अनुभवी शिक्षकों द्वारा मुफ्त मार्गदर्शन दिया जाएगा। बैंस ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों ने जो प्रदर्शन किया है, वैसा उदाहरण देश के किसी अन्य राज्य में नहीं मिलता।

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