पंजाब में शिक्षा क्रांति: शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने किया 2,000वें स्कूल का निरीक्षण, लापरवाह शिक्षकों को दी सख्त चेतावनी
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने 2000 सरकारी स्कूलों का दौरा कर नया रिकॉर्ड बनाया। जानें 'समर्थ' कार्यक्रम और स्कूल सुरक्षा पर सरकार के नए कदम।
पंजाब की सरकारी शिक्षा प्रणाली को विश्व स्तरीय बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी मुहिम के तहत पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज अमृतसर के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, झीता कलां का अचानक दौरा किया। यह दौरा इसलिए खास था क्योंकि पद संभालने के बाद से अब तक शिक्षा मंत्री कुल 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर चुके हैं, जो राज्य के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।
जमीनी स्तर पर सुधार का मिशन
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि उनका लक्ष्य पंजाब के सभी 20,000 सरकारी स्कूलों की स्थिति को सुधारना है। उन्होंने कहा कि पठानकोट से फाजिल्का और फिरोजपुर से मोहाली तक, उन्होंने लगभग हर जिले के स्कूलों का दौरा किया है।
बैंस ने कहा, "यह पहली बार है कि कोई शिक्षा मंत्री एसी दफ्तरों को छोड़कर सीधा स्कूलों के कमरों में जाकर बच्चों और शिक्षकों से मिल रहा है। हमारा मकसद सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव लाना है।"
‘समर्थ’ कार्यक्रम से बदल रही है बच्चों की दुनिया
स्कूल के निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने ‘समर्थ’ कार्यक्रम की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने पुरानी स्थिति को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली थी, तब प्राइमरी स्तर के बहुत से बच्चे बुनियादी अक्षर और शब्द तक नहीं पढ़ पाते थे।
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सीखने की खाई को भरना: 'समर्थ' पहल के जरिए उन बच्चों की पहचान की गई जो पढ़ाई में पीछे थे।
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सकारात्मक परिणाम: मंत्री ने खुशी जाहिर की कि अब वही बच्चे आत्मविश्वास के साथ वाक्य पढ़ रहे हैं।
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शिक्षकों की सराहना: उन्होंने उन शिक्षकों की तारीफ की जो पूरी लगन से बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं।
लापरवाही पर जीरो-टॉलरेंस नीति
शिक्षा मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि भगवंत मान सरकार की नीति जीरो-टॉलरेंस की है। जो शिक्षक अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतेंगे या अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों में सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं
शिक्षा के माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं:
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सुरक्षा गार्ड और कैंपस मैनेजर: जिन स्कूलों में 500 से अधिक विद्यार्थी हैं, वहां सुरक्षा गार्ड और कैंपस मैनेजर तैनात किए गए हैं।
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बुनियादी ढांचे में सुधार: स्कूलों की इमारतों और सुविधाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है।
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शानदार नतीजे: झीता कलां स्कूल की तारीफ करते हुए उन्होंने बताया कि यहां के बुनियादी ढांचे में सुधार के बाद अच्छे नतीजे आ रहे हैं और हाल ही में यहां के एक छात्र ने JEE (इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा) पास की है।
शिक्षा मंत्री ने मीडिया और जनता से अपील की कि वे केवल कमियां ही न दिखाएं, बल्कि सरकारी स्कूलों में हो रहे अच्छे कामों और शिक्षकों की मेहनत को भी दुनिया के सामने लाएं। उन्होंने कहा कि सकारात्मक खबरों से शिक्षकों और विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है।
बैंस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजाब में चल रहे सभी शिक्षा सुधार प्रोजेक्टों को और तेज किया जाए ताकि 'शिक्षा क्रांति' का लाभ हर बच्चे को मिल सके।