सड़कों के निर्माण में लापरवाही पड़ेगी भारी: PWD मंत्री हरभजन सिंह ETO का आदेश- 'बारिश से पहले पूरे हों सभी प्रोजेक्ट'
लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ETO ने चंडीगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक कर सड़क कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बारिश से पहले काम पूरा करने और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
चंडीगढ़: पंजाब में सड़कों के जाल को मजबूत करने और चल रही परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ETO ने कड़ा रुख अपनाया है। वीरवार को पंजाब भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मंत्री ने राज्यभर में चल रहे सड़क अवसंरचना कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कहा कि पंजाब के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली और टिकाऊ सड़कें मुहैया कराना मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
"वीकली टारगेट सेट करें अधिकारी"
बैठक में PWD की परियोजनाओं का जायजा लेते हुए मंत्री ने बिटुमिनस (Bituminous) कार्यों, यानी कोलतार बिछाने के काम के लिए 'साप्ताहिक लक्ष्य' (Weekly Targets) निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंताओं (Chief Engineers) को जिम्मेदारी सौंपी कि वे इन लक्ष्यों की दैनिक आधार पर निगरानी करें। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान मौसम प्री-मिक्स और कार्पेटिंग के कार्यों के लिए सबसे अनुकूल है, इसलिए काम की रफ्तार में कोई कमी नहीं आनी चाहिए।
मानसून से पहले काम पूरा करने की डेडलाइन
आने वाली वर्षा ऋतु को देखते हुए मंत्री ने सभी सड़क परियोजनाओं को बारिश शुरू होने से पहले पूरा करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी न केवल यात्रा को सुरक्षित बनाती है, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति के द्वार भी खोलती है।
"सड़कों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी या ठेकेदार के काम में लापरवाही पाई गई, तो उसके खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" - हरभजन सिंह ETO, लोक निर्माण मंत्री
खुद फील्ड में उतरेंगे मंत्री: पारदर्शिता पर जोर
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हरभजन सिंह ETO ने ऐलान किया कि वे स्वयं राज्य के विभिन्न सड़क निर्माण स्थलों का व्यक्तिगत निरीक्षण करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि इंजीनियरिंग मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही, ठेकेदारों के भुगतान में होने वाली देरी को रोकने के लिए बिलों को समय पर कोषागार (Treasury) में जमा करने के निर्देश दिए गए, ताकि वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनी रहे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक सचिव रवि भगत, अभियंता-इन-चीफ गगनदीप सिंह और मुख्य अभियंता अनिल गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।