छत्तबीड़ चिड़ियाघर में सैलानियों का रिकॉर्ड: 2 महीने में पहुंचे 80 हजार से ज्यादा लोग, जानें क्या है नया आकर्षण?
छत्तबीड़ चिड़ियाघर में पर्यटकों की संख्या बढ़ी। पंजाब के वन मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने डायनासोर पार्क और 260 केवी सोलर प्लांट जैसी नई पहलों की जानकारी दी।
चंडीगढ़: पंजाब के जीरकपुर स्थित महिंद्र चौधरी ज़ूआलोजीकल पार्क (छत्तबीड़ चिड़ियाघर) इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के चलते यहां सैलानियों की आमद में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। पंजाब के वन और वन्यजीव सुरक्षा मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने जानकारी दी है कि साल 2026 के शुरुआती दो महीनों में ही 80,508 सैलानी चिड़ियाघर पहुंचे हैं।
"पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल"
वन मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केवल जनवरी महीने में 48,719 लोग चिड़ियाघर देखने आए, वहीं फरवरी में 31,789 सैलानियों ने यहां के शांत और प्राकृतिक माहौल का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि दर्शाती है कि लोग अब वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं।
देश का सबसे लंबा 'वॉक-इन एवियरी' और डायनासोर पार्क
छत्तबीड़ चिड़ियाघर की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण यहां हाल ही में किए गए आधुनिक बदलाव हैं। मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि:
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सबसे लंबा वॉक-इन क्षेत्र: चिड़ियाघर में बना देश का सबसे बड़ा और लंबा 'वॉक-इन एवियरी' आकर्षण का मुख्य केंद्र है, जहां पक्षी खुले वातावरण में रहते हैं।
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अति-आधुनिक डायनासोर पार्क: स्कूली बच्चों और सैलानियों के मनोरंजन के साथ-साथ शैक्षिक अनुभव के लिए एक आधुनिक डायनासोर पार्क भी स्थापित किया गया है।
सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं
चिड़ियाघर के बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं:
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सोलर प्लांट: साफ़-सुथरी ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए चिड़ियाघर में 260 केवी का सोलर प्लांट लगाया गया है।
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क्रिटिकल केयर यूनिट: लायन सफारी में मांसाहारी जानवरों के इलाज के लिए विशेष 'क्रिटिकल केयर यूनिट' तैयार की गई है।
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एजुकेशन प्लाज़ा: बच्चों को वन्यजीवों की जानकारी देने के लिए 'ओपन-एयर ज़ू एजुकेशन प्लाज़ा' बनाया गया है।
पंजाब की बड़ी पहल: प्लास्टिक मुक्त अभ्यारण्य
वन्यजीव संरक्षण के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए मंत्री ने बताया कि पंजाब के 13 वन्यजीव अभ्यारण्यों को प्लास्टिक मुक्त घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा, सिंधु नदी डॉल्फिन को पंजाब का राजकीय जल जीव घोषित किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा चुने गए देश के 100 महत्वपूर्ण वेटलैंड्स में पंजाब के पांच वेटलैंड (हरीके, रोपड़, कांजली, केशोपुर और नंगल) को शामिल किया जाना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।