उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कद्दावर नेता और इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ स्थित आवास पर आयकर विभाग (Income Tax) की टीम ने दस्तक दी। गोमती नगर जैसे पॉश इलाके में स्थित उनके घर को सुबह-सुबह 50 से ज्यादा अफसरों ने घेर लिया। यह छापेमारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उमाशंकर सिंह इन दिनों कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और अपने घर पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
छापेमारी की मुख्य वजह
आयकर विभाग की इस कार्रवाई के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, टीम विधायक के बिजनेस और पुराने ठेकों से जुड़े कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है।
टैक्स में गड़बड़ी: पुराने टैक्स रिटर्न में कुछ विसंगतियों की शिकायत मिली थी।
उमाशंकर सिंह यूपी की राजनीति में बसपा का एक मजबूत चेहरा माने जाते हैं। उनके बारे में कुछ खास बातें:
बसपा के इकलौते विधायक: 2022 के विधानसभा चुनाव में जब बसपा का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा, तब बलिया से वह अकेले विधायक थे जो जीतकर विधानसभा पहुंचे।
लोकप्रियता: उन्होंने 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार चुनाव जीता है।
अमीर विधायकों में शुमार: वह उत्तर प्रदेश के सबसे धनी विधायकों में से एक माने जाते हैं।
समाज सेवा: बलिया में उन्हें गरीबों की मदद के लिए जाना जाता है, उन्होंने 300 से ज्यादा गरीब जोड़ों की सामूहिक शादी कराकर रिकॉर्ड भी बनाया था।
मुश्किल दौर में विधायक
वर्तमान में उमाशंकर सिंह के लिए समय काफी चुनौतीपूर्ण है। एक तरफ वह कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ रहे हैं और आइसोलेशन में हैं, तो दूसरी तरफ उन पर सरकारी जांच का शिकंजा कसता जा रहा है।
बसपा की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या यह केवल एक रूटीन जांच है या इसके पीछे कोई राजनीतिक रणनीति छिपी है। फिलहाल घंटों से चल रही इस छापेमारी में क्या निकलकर आता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।