पीएम मोदी की इजराइल यात्रा: रक्षा और तकनीक के नए युग की शुरुआत, 71 हजार करोड़ की डील संभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस दौरे में 71,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदे और रक्षा तकनीक पर बड़ी चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक बेहद खास मिशन पर इजराइल के लिए रवाना हो चुके हैं। पिछले 9 सालों में यह उनकी दूसरी इजराइल यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ा हुआ है, लेकिन भारत के लिए यह यात्रा सुरक्षा और तकनीक के लिहाज से एक नया सवेरा ला सकती है।
दो दिवसीय दौरे का खास कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विशेष निमंत्रण पर दो दिनों के लिए तेल अवीव जा रहे हैं। इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम होने वाले हैं:
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इजराइली संसद का संबोधन: पीएम मोदी इजराइल की संसद को संबोधित करेंगे और यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।
- खास मुलाकातें: वह इजराइली राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट करेंगे और पीएम नेतन्याहू के साथ रक्षा और व्यापारिक रिश्तों पर गहरी चर्चा करेंगे।
- प्राइवेट डिनर: इजराइली प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में एक निजी रात्रि भोज (डिनर) भी आयोजित करेंगे।
71,000 करोड़ का रक्षा सौदा: सबसे बड़ा आकर्षण
इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 71,000 करोड़ रुपये का रक्षा सौदा माना जा रहा है। भारत अपने स्वदेशी 'सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस सिस्टम' को और अधिक ताकतवर बनाने के लिए इजराइल की प्रसिद्ध 'आयरन डोम' तकनीक हासिल करना चाहता है।
अगर यह समझौता पूरा होता है, तो भारतीय सीमाएं किसी भी हवाई हमले से सुरक्षित हो जाएंगी। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर भी बातचीत अंतिम दौर में है, जिससे व्यापार को नई गति मिलेगी।
कूटनीतिक संतुलन और संदेश
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती तल्खी के बीच मोदी का यह दौरा भारत की मजबूत और संतुलित विदेश नीति को दर्शाता है। इस यात्रा से न केवल भारतीय सेना को आधुनिक हथियार मिलने की उम्मीद है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भी दोनों देश एक साझा मोर्चा तैयार करेंगे।
जानकारों का मानना है कि अगले दो दिन भारत और इजराइल के रिश्तों के लिए एक 'स्वर्ण युग' (गोल्डन एरा) साबित हो सकते हैं।