वक्फ बोर्ड कार्यालय में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, विजिलेंस ब्यूरो ने दो कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा

पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। विजिलेंस टीम ने पंजाब वक्फ बोर्ड कार्यालय, गढ़शंकर में तैनात रेंट कलेक्टर मोहम्मद यासीन और ठेके पर कार्यरत चपरासी मोहम्मद तालीम को 18,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

Feb 4, 2026 - 17:15
वक्फ बोर्ड कार्यालय में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, विजिलेंस ब्यूरो ने दो कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा
वक्फ बोर्ड कार्यालय में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, विजिलेंस ब्यूरो ने दो कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा

चंडीगढ़ : पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। विजिलेंस टीम ने पंजाब वक्फ बोर्ड कार्यालय, गढ़शंकर में तैनात रेंट कलेक्टर मोहम्मद यासीन और ठेके पर कार्यरत चपरासी मोहम्मद तालीम को 18,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई बलाचौर, जिला शहीद भगत सिंह नगर के एक किसान द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई।

किसान की शिकायत पर हुई कार्रवाई

राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता एक किसान है, जिसने वर्ष 2018 से 2021 के दौरान तहसील बलाचौर के गांव भड्डी में स्थित पंजाब वक्फ बोर्ड की 10 कनाल भूमि लीज पर ली थी।

लीज समाप्त होने के बाद नवीनीकरण की जरूरत

प्रवक्ता के अनुसार, वर्ष 2021 में लीज की अवधि समाप्त होने के बाद किसान ने लीज के नवीनीकरण (रिन्यूअल) के लिए पंजाब वक्फ बोर्ड कार्यालय, गढ़शंकर में तैनात रेंट कलेक्टर मोहम्मद यासीन से संपर्क किया था।

लीज नवीनीकरण के बदले मांगी गई रिश्वत

शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी रेंट कलेक्टर मोहम्मद यासीन ने लीज नवीनीकरण की फाइल तैयार करने और आगे बढ़ाने के एवज में 50,000 रुपये रिश्वत की मांग की।

सौदेबाजी के बाद 20,000 रुपये पर बनी बात

जब शिकायतकर्ता ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी ने रिश्वत की राशि घटाकर 20,000 रुपये कर दी। इस दौरान मोहम्मद यासीन ने मौके पर ही 2,000 रुपये रिश्वत के तौर पर ले लिए और शेष 18,000 रुपये बाद में देने को कहा।

बातचीत की रिकॉर्डिंग बनी सबूत

शिकायतकर्ता ने सतर्कता दिखाते हुए आरोपी के साथ हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया, जिसे उसने विजिलेंस ब्यूरो को सबूत के तौर पर सौंप दिया। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने मामले की प्रारंभिक जांच की, जिसमें शिकायत सही पाई गई।

जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी

जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की एसबीएस नगर टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता को तय स्थान पर भेजा गया, जहां दोनों आरोपियों को 18,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

दोनों आरोपियों की मौके पर गिरफ्तारी

विजिलेंस ब्यूरो ने रेंट कलेक्टर मोहम्मद यासीन और ठेका आधारित चपरासी मोहम्मद तालीम को मौके से गिरफ्तार कर लिया। बरामद की गई रिश्वत राशि को भी जब्त कर लिया गया है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

आगे की जांच जारी

विजिलेंस ब्यूरो ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस रिश्वतखोरी में अन्य अधिकारी या कर्मचारी तो शामिल नहीं थे।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

विजिलेंस ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाया गया है और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में रिश्वत की मांग की जाती है, तो तुरंत विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

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