केंद्रीय बजट 2026 संतुलित और क्षमता-वृद्धि पर केंद्रित: अर्थशास्त्रियों ने सराहा, मध्यम अवधि में मजबूत विकास की उम्मीद
केंद्रीय बजट 2026 को अर्थशास्त्रियों ने संतुलित और व्यावहारिक बताया। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और रक्षा पर फोकस। 10,000 करोड़ एमएसएमई फंड, टेक्सटाइल रोजगार, कस्टम प्रोसेस आसान। डेट-टू-जीडीपी रेश्यो स्थिर, मध्यम अवधि में मजबूत विकास की उम्मीद।
नई दिल्ली : केंद्रीय बजट में सरकार ने देश की क्षमताओं में वृद्धि पर फोकस किया है। इसमें लक्षित राजस्व, खर्च और डेट-टू-जीडीपी रेश्यो के जो भी आंकड़े दिए गए हैं, उन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह बयान अर्थशास्त्रियों की ओर से सोमवार को दिया गया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए लार्सन एंड टुब्रो के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि 2026 में सरकार ने एक संतुलित बजट पेश किया है। इसमें सरकार ने वैश्विक स्तर पर चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था मध्यम अवधि में मजबूती मिलेगी।