एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के 'नायक' बिक्रमजीत बराड़ बने एसपी; सिद्धू मूसेवाला केस के शार्पशूटरों का किया था खात्मा
पंजाब पुलिस के सबसे निडर और चर्चित चेहरों में शुमार बिक्रमजीत सिंह बराड़ (PPS) को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और बहादुरी का इनाम मिला है। पंजाब सरकार ने सोमवार को आदेश जारी कर उन्हें पदोन्नत करते हुए सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) बना दिया है। बराड़ के साथ ही सरबजीत सिंह और गुरइकबाल सिंह को भी एसपी रैंक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चंडीगढ़: पंजाब पुलिस के सबसे निडर और चर्चित चेहरों में शुमार बिक्रमजीत सिंह बराड़ (PPS) को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और बहादुरी का इनाम मिला है। पंजाब सरकार ने सोमवार को आदेश जारी कर उन्हें पदोन्नत करते हुए सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) बना दिया है। बराड़ के साथ ही सरबजीत सिंह और गुरइकबाल सिंह को भी एसपी रैंक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मूसेवाला हत्याकांड के बाद चर्चा में आए बराड़ एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख सदस्य के रूप में बिक्रमजीत बराड़ की भूमिका सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद सबसे अधिक सुर्खियों में रही। उन्होंने अटारी बॉर्डर के पास हुए उस एनकाउंटर का नेतृत्व किया था, जिसमें मूसेवाला के हत्यारे और खूंखार शार्पशूटर जगरूप सिंह उर्फ रूपा और मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू कुसा ढेर हुए थे। गैंगस्टरों के बीच बराड़ की पहचान एक सख्त और रणनीतिकार अधिकारी की रही है।
शहादत और वीरता की पारिवारिक विरासत बिक्रमजीत बराड़ के रगों में खाकी और बहादुरी का मेल विरासत में मिला है। उनके पिता बलदेव सिंह बराड़ (PPS) ने 1988 में आतंकवाद के दौर में देश की रक्षा करते हुए अपनी शहादत दी थी। उनके भाई वरिंदर सिंह बराड़ भी एसएसपी के पद पर शानदार सेवाएं दे चुके हैं।
5 बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित बराड़ की कार्यकुशलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें अब तक 5 राष्ट्रपति वीरता पदकों से नवाजा जा चुका है। इसके अलावा उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री पदक, विशेष ऑपरेशन पदक और मुख्यमंत्री रक्षक पदक जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। 2019 में उनकी असाधारण बहादुरी को देखते हुए उन्हें इंस्पेक्टर से सीधे डीएसपी (आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन) बनाया गया था।
अब एसपी के रूप में बिक्रमजीत बराड़ से पंजाब में गैंगस्टर कल्चर को पूरी तरह खत्म करने के लिए और भी बड़े अभियानों की उम्मीद की जा रही है।